फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने नौकरी का कार्यकाल बढ़ाने के लगाए फर्जी दस्तावेज

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने नौकरी का कार्यकाल बढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए और लाखों रुपये का अनुचित लाभ लिया। मामले में कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

सहकारी कताई मिल के महाप्रबंधक/सचिव वीके मिश्र ने एसपी राजेश कुमार सिंह से कर्मचारी की हेराफेरी शिकायत की। आरोप है कि जयराम बाबू पुत्र बैजनाथ निवासी हरीखेड़ा कोतवाली बिंदकी यूपी सहकारी कताई मिल संघ लिमिटेड कानपुर के सदस्य हैं और सहकारी कताई मिल फतेहपुर में चपरासी के पद पर 24 अप्रैल 1987 को नियुक्त हुए थे।
जयराम बाबू ने भर्ती के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का सदस्य बनने के लिए नामांकन एवं घोषणा पत्र में अपनी जन्म तिथि 28 जनवरी 1965 दर्शाई थी। स्वैच्छिक सेवानिवृत्त योजना लागू होने पर अनुचित लाभ के लिए जयराम बाबू ने मुन्ना लाल इंटर कॉलेज कोराई से छात्र पंजीकरण एवं स्थानांतरण प्रमाणपत्र की छायाप्रति 31 अक्टूबर 2009 को उपलब्ध कराई।
विज्ञापन

जिसमें उनकी जन्मतिथि 28 दिसंबर 1968 अंकित है। कॉलेज में कक्षा नौ में प्रवेश करते समय जयराम बाबू ने प्रार्थनापत्र भी दिया था कि उनके पास जन्म तिथि प्रमाण पत्र नहीं है और बाद में प्रस्तुत करेगा। उसी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी के दौरान पांच साल से अधिक समय तक भूमि सुधार निगम में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रहे और मिल एवं निगम में वेतन भत्ते से लाखों रुपये की धनराशि प्राप्त की।
जयराम बाबू ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर आधार कार्ड, सेवा पुस्तिका बनवाई। कई अनुचित लाभ प्राप्त किए। जयराम बाबू की जन्मतिथि की पुष्टि के लिए मिल प्रबंधन ने मुन्ना लाल इंटर कॉलेज कोराई से सूचना मांगी। कॉलेज की ओर से बताया गया कि जन्म प्रमाणपत्र से जुड़ा कोई दस्तावेज जमा नहीं है। इस दौरान जांच से पता चला कि जयराम बाबू का छोटा भाई बलराम बाबू ने कताई मिल के डबलिंग विभाग में डफर पद पर नौकरी प्राप्त की है।
बलराम बाबू ने दस्तावेज जमा किए, जिसमें उसकी भी जन्म तिथि 28 दिसंबर 1968 दर्ज मिली। दोनों ने एक ही जन्मतिथि का प्रमाणपत्र जमा किया है। जयराम से बलराम कई साल छोटा है। जयराम बाबू ने नौकरी प्राप्त करते समय जन्मतिथि 28 जनवरी 1965 का प्रमाणपत्र दिया था।
बाद में जन्मतिथि तीन साल बढ़ाकर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किया। दस्तावेज के आधार पर निश्चित अवधि से अधिक समय तक नौकरी की। थानाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया एसपी के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें