हसवा। सराफा कारोबारी से लूट में पुलिस ने बाइक सवार तीन बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सराफा कारोबारी की पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को उठाकर पूछताछ शुरू की है। सराफा कारोबारी का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर से असलहा और आभूषण का जिक्र हटवा दिया है।
कस्बा निवासी रमेश कौशल बुधवार को असोथर थानाक्षेत्र के जागेश्वर धाम स्थित सोने-चांदी के जेवर और बर्तन की दुकान जा रहे थे। रमेश कौशल को टीसी गांव के मजरे शहाबुद्दीन के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचा लगाकर लूट लिया था। पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज किया। रमेश कौशल ने बताया कि एफआईआर में पुलिस ने असलहा व आभूषणों का जिक्र नहीं किया है। तहरीर से ही इन्हें हटवा दिया था। आधा किलो चांदी के जेवर और 45000 बदमाश लूट ले गए हैं। हसवा चौकी प्रभारी ने आसपास के गांव में दबिश दी। तहरीर के आधार पर फरीदपुर गांव के एक युवक और कुछ अन्य संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। प्रभारी निरीक्षक नंदलाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है।
सराफा रमेश कौशल के पिता अमरनाथ सोनी की 2014 में निर्मम हत्या हुई थी। पड़ोस के रहने वाले अंबिका सोनी ने पांच लोगों के साथ मिलकर बांके से वार करके उनकी हत्या की थी। जांच में पता चला था कि अमरनाथ ने एक सराफा कारोबारी की दुकान के बगल में अपनी एक नई दुकान खोली थी। इसी को लेकर रंजिश चल रही थी। पुलिस ने अंबिका सोनी, पम्मू, नंदू सिंह ,हिमांशु सोनी, पप्पू सोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। नामजद विमल का नाम चार्जशीट से हट गया था। जिसके दो आरोपी अभी भी जेल में है। जबकि एक अन्य जमानत पर बाहर था, जिसकी करंट लगने से मौत हो चुकी है।