फतेहपुर। शादी टूटने से क्षुब्ध युवती द्वारा आत्महत्या करने के मामले में अदालत ने मुल्जिम को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना 18 मार्च 2018 को जाफरगंज थानाक्षेत्र के गांजर गांव में हुई थी।
गांजर गांव के जैमुन ने अपनी पुत्री पार्वती की शादी बाराबीघा गांव के गंगाराम के साथ तय की थी। शादी 27 अप्रैल 2018 को होनी थी। मगर लड़की पक्ष के रिश्तेदार महेश ने वर पक्ष को बरगला दिया। जिससे 17 मार्च को लड़के के पिता गुरुचरन ने शादी से इंकार कर दिया। शादी टूटने से क्षुब्ध पार्वती ने 18 मार्च को डाई पी ली। जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता जैमुन ने महेश के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराई थी। मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो में मामले की सुनवाई हुई। जिसमें सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवकिशोर वर्मा ने साक्ष्य और गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने आरोपी महेश को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।