जाफरगंज। थाना क्षेत्र के मऊदेव चौराहे पर स्थापित हनुमान जी की मूर्ति को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। शनिवार सुबह बिंदकी एसडीएम सर्वेश सिंह, क्षेत्राधिकारी जाफरगंज दुर्गेश दीप, राजस्व विभाग व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और विवादित स्थल की पैमाइश कराई गई। पैमाइश में यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित है, वह जमीन सरकारी मिल्कियत में दर्ज है।
करीब छह महीने पहले जोनिहा-अमौली मार्ग के किनारे स्थित इस बेशकीमती भूखंड पर दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। एक पक्ष वहां मकान निर्माण कर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बीच में आकर मूर्ति स्थापित कर दी। मामले में कई बार शिकायती पत्र दिए गए, पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। शनिवार सुबह सात बजे लेखपाल विवेक कुमार के पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। दोपहर एक बजे के आसपास राजस्व टीम ने पैमाइश शुरू की और जेसीबी मशीन की मदद से एक पक्ष के द्वारा पहले से बनाए गए पिलरों को हटवाया गया।
मूर्ति की दक्षिण दिशा में बसे साहू परिवारों की भूमि पर जेसीबी चलने पर महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने अधिकारियों को घेरकर पूरे चौराहे की सरकारी जमीन की पैमाइश की मांग की और आरोप लगाया कि भू-माफिया लगभग 15 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा कर चुके हैं। विरोध के कारण मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई, इसे पुलिस ने शांत कराया। पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद करीब तीन बजे उपजिलाधिकारी व सीओ मौके से रवाना हुए। एसडीएम सर्वेश सिंह ने बताया कि मूर्ति को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए एक पक्ष ने एक सप्ताह का समय मांगा है। स्थल पर मिल्कियत सरकार का बोर्ड भी लगा दिया गया है। साथ ही हल्का लेखपाल विवेक कुमार को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण के लिए संबंधितों को नोटिस जारी किए जाएं। इस पूरी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।