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फतेहपुर: तीन साल की बच्ची की दुष्कर्म-हत्या के आरोपी के खिलाफ 192 घंटे में लगा दी चार्जशीट

Fri, 22 Oct 2021 08:47 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर

सार

15 अक्तूबर को एक गांव की रहने वाली तीन वर्षीय बच्ची दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शामिल होने के लिए निकली थी। मोहल्ले में किराए पर रहने वाले दिनेश पासवान ने उसे दबोच लिया और अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद उसकी हत्या कर दी थी।
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गिरफ्तार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र में 15 अक्तूबर की दोपहर तीन साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ खागा इंस्पेक्टर संतोष शर्मा (विवेचक) ने 192 घंटे यानी आठ दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी। मासूम के साथ हैवानियत करने वाले को उसकी करनी की सख्त सजा मिले, इसके लिए मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का अनुरोध किया गया है।

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15 अक्तूबर को एक गांव की रहने वाली तीन वर्षीय बच्ची दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शामिल होने के लिए निकली थी। मोहल्ले में किराए पर रहने वाले दिनेश पासवान ने उसे दबोच लिया और अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। बेहद ही संवेदनशील मामले में पुलिस टीम ने ग्रामीणों द्वारा पीटे जा रहे आरोपी को बचा लिया था और शव को कब्जे में लेकर रात को ही उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर दो डाक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया था।

आठ दिन में 17 गवाहों के बयान दर्ज
इंस्पेक्टर खागा संतोष शर्मा इस मुकदमे के विवेचक हैं। उनके द्वारा शुक्रवार को आरोपी दिनेश पासवान के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है। आठ दिन चली इस जांच में विवेचक द्वारा कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने बताया कि आरोपी को अधिकतम दंड दिलाने के लिए मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने का अनुरोध किया गया है, जिससे पीड़िता के परिवार के साथ जल्द से जल्द न्याय हो सके।

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मासूम के साथ कुकर्म भी किया
हैवान बन चुके दिनेश पासवान ने सिर्फ मासूम के साथ दुष्कर्म ही नहीं किया था, बल्कि उसके साथ कुकर्म भी किया और उसकी हत्या कर दी। जांच में पुलिस ने धारा 377 आईपीसी की वृद्धि की है। इससे पहले यह मुकदमा धारा 376, 302,201 व पाक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज हुआ है।

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

15 अक्तूबर- शव का घटना वाले दिन ही रात में पोस्टमार्टम कराया।
16 अक्तूबर- अंतिम संस्कार और साक्ष्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ विशेष
 संदेश वाहक से भेजा
17 अक्तूबर- अवकाश के कारण विधि विज्ञान प्रयोगशाला में साक्ष्य दाखिल नहीं हुआ।
18 अक्तूबर- विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने भोपाल प्रयोगशाला जाने को कहा।
19 अक्तूबर- संदेश वाहक भोपाल के लिए रवाना
20 अक्तूबर- अवकाश होने पर साक्ष्य दाखिल नहीं हुआ
21 अक्तूबर- भोपाल की प्रयोगशाला में साक्ष्य दाखिल हुआ।
22 अक्तूबर- विवेचक द्वारा चार्जशीट दाखिल
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