फतेहपुर। लघु, सीमांत किसानों को फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) के माध्यम से खेती के साथ व्यापार से जोड़ा जाएगा। इसके लिए किसानों को दो हजार रुपये एफपीओ के खाते में जमा करके सदस्य बनना होगा।
शेयर धनराशि 15 लाख रुपये होने पर केंद्र सरकार से भी 15 लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। इसका व्यापार में उपयोग किया जाएगा और व्यापार से होने वाले लाभ में किसानों को शेयर मिलेगा।
उप कृषि निदेशक कार्यालय में सोमवार को एफपीओ संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें किसानों को सदस्य बनाने और खाता में सदस्यता शुल्क जमा करने की सलाह दी गई।
प्रशिक्षण में लघु, सीमांत किसानों को खेती के साथ व्यापार से जोड़ने वाली योजना को विस्तार से समझाया। मुख्य अतिथि सदर विधायक विक्रम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रशिक्षक कृषक उत्पादक संघ के प्रबंधक एससी कटियार ने कहा कि जिले में 86 फीसदी लघु, सीमांत किसान हैं। कम खेती से पैदावार की गई फसलों से सिर्फ परिवार का ही खर्च चलाया जा सकता है।
लघु सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एफपीओ के माध्यम से किसानों को रोजगार देने का प्लान तैयार किया है। इसमें एफपीओ संचालक को पहले लघु, सीमांत किसानों से दो-दो हजार रुपये जमा कराकर उन्हें सदस्य बनाना होगा।
जब एफपीओ के खाते में 15 लाख रुपये जमा हो जाएंगे, तो केंद्र सरकार से भी 15 लाख रुपये दिए जाएंगे। जिससे व्यापार शुरू किया जाएगा। व्यापार से होने वाले लाभ में सभी को शेयर के आधार पर लाभांवित करने का काम होगा।
उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने कहा कि जिले में 40 एफपीओ बन चुके हैं। उनके संचालकों को सदस्य बनाने के लिए गोष्ठी भी कराई जा रही हैं।