फतेहपुर। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार सुबह हरिहरगंज उपकेंद्र के सामने रोड जाम लगा दिया। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने फाल्ट सही कराकर सप्लाई चालू करने का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम हट सका।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं पर 15 घंटे तो कहीं पर 20 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। जो बिजली सप्लाई मिलती भी है, वह भी अलग-अलग समय में कभी आधे घंटे तो कभी एक घंटे बिजली मिल रही है। इसको लेकर हरिहगंज उपकेंद्र के सामने बांदा रूट पर शुक्रवार सुबह लोगों ने जाम लगा दिया। हरिहरगंज उपकेंद्र से कलक्टरगंज, हरिहरगंज, गढ़ीवा, वर्मा चौराहा, नाथपुरी कालोनी और दक्षिणी गौतम नगर के लोगों को बिजली सप्लाई दी जाती है।
गढ़ीवा मोहल्ले के अनुराग दीक्षित, पंकज अवस्थी, सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि हरिहरगंज उपकेंद्र की बिजली सप्लाई तीन दिन से ध्वस्त पड़ी है। गुरुवार को सुबह 10 बजे बिजली कटी तो रात में नौ बजे आपूर्ति दी गई और एक घंटे बाद फिर सप्लाई बंद कर दी गई। शुक्रवार सुबह पांच बजे बिजली आई और सात बजे फिर चली गई। लोगों को न तो सुकून से सोने केे मिलता है और बिजली कटौती के कारण जलापूर्ति भी बाधित है। पीने के पानी का भी संकट बढ़ गया है।
इसी प्रकार बेरुईहार उपकेंद्र की सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक बिजली सप्लाई बंद रही। इससे चौक कटरा अब्दुलगनी, पीरनपुर कबाड़ी मार्केट, कोतवाली रोड, महारथी, जीटी रोड की आपूर्ति बंद होने के कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। उपकेंद्र के अवर अभियंता कल्लूराम यादव ने बताया कि लोधीगंज में लाइन शिफ्टिंग के कारण सप्लाई बंद की गई थी। इसी प्रकार सथरियांव, आबूनगर, मुराइन टोला, शांतिनगर उपकेंद्र से जुड़े लोगों को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ा।
फतेहपुर। बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे लोगों को पानी का संकट भी रुला रहा है। शहरी क्षेत्र में सुबह, शाम होने वाली जलापूर्ति भी बिजली के सहारे टिकी है। इस समय बिजली की अघोषित कटौती से जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। जलापूर्ति वाले नलकूपों को चलाने के लिए नगर पालिका के पास जनरेटर की व्यवस्था है नहीं, बिजली आने पर ही जलापूर्ति की जाती है। नगर पालिका से सुबह, शाम जलापूर्ति का रोस्टर जारी है। इसी समय बिजली कटौती होने से घरों में पानी भी नहीं पहुंच पाता है।
फतेहपुर। बिजली कटौती में ग्रामीण इलाकों की हालत और खराब है। कहीं पर चार घंटे तो कहीं पर छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में लोग गर्मी से बेहाल तो हैं ही, साथ में किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। जिन्होंने जायद की फसल में मूंग, उरद और हरी सब्जियों की फसल बोई है, उनको तीन से चार दिन में सिंचाई करना पड़ रहा है, लेकिन बिजली कटौती के कारण किसान अपनी फसलों को नहीं सींच पा रहे हैं। तेज धूप में फसलें खराब हो रही है।
रोस्टिंग के आदेश लखनऊ से जारी किए जाते हैं, उसी आधार पर बिजली कटौती हो रही है। व्यवस्था पटरी पर आते ही रोस्टर के आधार पर बिजली सप्लाई मिलने लगेगी।
- राकेश कुमार पांडेय, अधीक्षण अभियंता