फतेहपुर। नगर पालिका परिषद में पुश्तैनी दुकान के फर्जी नामांतरण का मामला सामने आया है। दो दिव्यांग भाइयों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद नियमों को दरकिनार कर अभिलेखों में नामांतरण कर दिया गया।
जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में छोटी बाजार चौक निवासी चांदबाबू हुसैन और लियाकत हुसैन ने बताया कि छोटी बाजार स्थित उनकी पुश्तैनी दुकान नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज है। दोनों ने खुद को दिव्यांग बताते हुए कहा कि दुकान के स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि न्यायालय ने अंतिम निर्णय तक नामांतरण और दाखिल-खारिज पर रोक लगाई थी। वर्ष 2019 में नगर पालिका ने भी इसी संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बावजूद उनके नाम हटाकर मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद हुसैन के नाम दर्ज कर दिए गए। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई मिलीभगत से की गई।
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि फर्जी नामांतरण के आधार पर सगीर अहमद, शिव बहादुर और दिलशाद अहमद खान ने दुकान का एक करोड़ रुपये में एग्रीमेंट कर लिया। करीब 30 लाख रुपये भी ले लिए गए। अब भू-माफिया की मदद से दुकान पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। मामले में 4 जुलाई को सदर कोतवाली में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। पीड़ितों ने डीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नामांतरण निरस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।