फतेहपुर। जिला पंचायत के इतिहास में पहली बार पत्नी के बाद पति जिला पंचायत की कुर्सी संभालने जा रहा है। अभय प्रताप उर्फ पप्पू सिंह को जिला पंचायत के 10वें अध्यक्ष बनने का सौभाग्य मिला है। 41 मत हासिल कर चुनाव जीतने का पप्पू सिंह ने पहला रिकार्ड भी स्थापित किया है।
जिला परिषद का अस्तित्व 1995 में खत्म हुआ था। इस दौरान बृजराज सिंह अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान थे। अप्रैल 1995 में हुए चुनाव में जगनायक सिंह यादव अध्यक्ष बने, लेकिन दो साल के कार्यकाल में अविश्वास प्रस्ताव आया और डा. अशोक पटेल अध्यक्ष बन गए। छह महीने बाद डा. अशोक पटेल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर जगनायक सिंह फिर अध्यक्ष बने। वर्ष 2000 में सपा की
रानीदेवी पासवान अध्यक्ष बनीं। इनका कार्यकाल खत्म होने के बाद यह जिम्मेदारी रेखा सिंह चौहान ने संभाली। आधे कार्यकाल में बसपा के बासुदेव पासी और इसके बाद राजकुमार मौर्य अध्यक्ष बने। इनके दूसरे कार्यकाल में अविश्वास प्रस्ताव आया और सपा के रमेशचंद्र यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बने। 2016 में डॉ. निवेदिता सिंह जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। शनिवार को हुए जिला पंचायत
अध्यक्ष के चुनाव में डा. निवेदिता सिंह के पति अभय प्रताप सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली है। जिला पंचायत के 27 साल के इतिहास में पहली बार एक ही परिवार के लगातार दो सदस्यों को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली है। पप्पू सिंह को 46 के सापेक्ष 41 मत मिले हैं, जो अपने आप में रिकार्ड है। अभी तक हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मिले वोटों का सर्वाधिक रिकार्ड है।