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तीसरे दिन अभिषेक का नहीं लगा सुराग

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बकेवर। हमलावरों से बचने के लिए पांडु नदी में कूदे हिस्ट्रीशीटर अभिषेक तिवारी (40) का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका है। पुलिस टीम शुक्रवार को फिर घटनास्थल पर पहुंची। कांटा डालकर कानपुर सीमा तक खोजबीन की गई। इसके बाद भी युवक का कोई पता नहीं चल सका है।
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थानाक्षेत्र के देवमई गांव निवासी अभिषेक तिवारी का बुधवार शाम परिवार के कुछ लोगों से विवाद हुआ था। सूचना पर पुलिस पहुंची। पत्नी कल्पना ने चौकी पुलिस, चचेरे देवरों समेत कई लोगों पर पति अभिषेक का पीछा करने और हत्या कर पांडु नदी में फेंक देने का आरोप लगाया। पिटाई से बचने के चक्कर में अभिषेक के पांडु नदी
में कूदने की बात पुलिस स्वीकार कर रही है। मामले में पुलिस तीसरे दिन डूबने वाली जगह रुसी गांव किनारे पहुंची। पुलिस व दमकल के जवान नाव से अभिषेक की तलाश करते रहे। टीम तलाश करते कानपुर के छिवली बार्डर तक गई। उधर, पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को पकड़ रखा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। थाने में सीओ योगेंद्र मलिक ने अभिषेक की पत्नी कल्पना को बुलाया। वहां कल्पना ने केस दर्ज करने की मांग की। पत्नी ने पुलिस पर ठीक से पति की खोजबीन न कराने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष नीरज यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अभिषेक का पता लगने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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अभिषेक की पत्नी कल्पना ने आरोप लगाया कि देवमई चौकी की पुलिस ने सतर्कता नहीं बरती। पुलिस शुरू से ही सतर्कता बरतती तो शायद अभिषेक का जल्द पता लग सकता था। कल्पना के मुताबिक यह भी चर्चा है कि अभिषेक का पीछा करते उसके चचेरे भाई गए थे। उनके पीछे चौकी इंचार्ज राजेश यादव भी थे। पति के नदी में कूदने की बात हमलावरों ने चौकी इंचार्ज को बताई थी। चौकी इंचार्ज रास्ते से ही लौट आए। करीब एक घंटे बाद उसे घटना की जानकारी हुई तो 112 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। घटना के समय ही चौकी की पुलिस को सतर्क हो जाना चाहिए था।
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