फतेहपुर। हरिहरगंज रेलवे क्रासिंग पर बन रहा ओवरब्रिज क्षेत्रीय नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। वजह, ओवरब्रिज के संपर्क मार्ग को ऊंचा करने के लिए सड़क पर गंगा की बालू की बजाय दर्जनों ट्रक राख डाली जा रही है। मानक की अनदेखी कर सड़क पर बिछाई जा रही राख से ओवरब्रिज के संपर्क मार्ग की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही दिन में उड़ने वाली राख ने आसपास के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। तेज हवा के साथ उड़ने वाली राख के घरों में घुसने से न केवल खाना और पानी दूषित हो रहा है बल्कि लोगों की आंखों में भी तकलीफ बढ़ रही है।
हरिहरगंज ओवरब्रिज के बाद संपर्क मार्ग के निर्माण में सरेआम मानकों की धज्जियां उडाई जा रही हैं। वर्तमान समय में देवीगंज मोहल्ले में संपर्क मार्ग का निर्माण चल रहा है। सड़क निर्माण के बाद मिट्टी के ऊपर गंगा की बालू की मोटी परत बिछवाई जाती है ताकि सड़क मजबूत हो और धंस न सके। लेकिन यहां रायबरेली के ऊंचाहार बिजली प्लांट से निकलने वाली भूसी और कोयले की राखी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी पुराई में करीब एक हजार ट्रक गंगा बालू की आवश्यकता है। गंगा की बालू प्रति ट्रक करीब छह हजार रुपए है, जबकि ठेकेदार को मौके पर राखी की कीमत सिर्फ चार हजार रुपए अदा करनी पड़ रही है। ऐसी हालत में ठेकेदार को गंगा की बालू की अपेक्षा राखी का इस्तेेमाल करने पर प्रति ट्रक दो हजार रुपए की बचत हो रही है।
ओवरब्रिज निर्माण में हो रही गड़बड़ी के प्रति प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। कार्यदाई संस्था रात दिन एक करके जल्द से जल्द संपर्क मार्ग की पुराई का काम खतम करने के मूड में है। निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार के कर्मचारी ने बताया बीच-बीच में गंगा की बालू की पर्त बिछाकर प्लास्टिक की जाली लगाई जा रही है। इसके बाद राखी का ही उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारी ने तो यह भी बताया ऊंचाहार के बिजली प्लांट से राखी उठाने के लिए अलग से भुगतान किया जा रहा है। ट्रक चालकों को दोहरा लाभ मिल रहा है। ऊंचाहार पावर प्लांग से राखी उठाने तथा ओवरब्रिज निर्माण स्थल तक पहुंचने का भाड़ा वसूला जा रहा है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता केके राठौर ने इस संबंध में कोई जानकारी देने से मना कर दिया।