फर्रुखाबाद। शहर के मास्टर प्लान का विरोध थम नहीं रहा है। प्लान में सड़कों की चौड़ाई काफी ज्यादा बढ़ाने का विरोध हो रहा है। बरेली-इटावा राजमार्ग के लोगों ने पूर्व एमएलसी को पत्र देकर बेघर होने से बचाने कर मांग की। कहा कि राजमार्ग की चौड़ाई 100 फीट ही रखी जाए। उधर, नेकपुर खुर्द के लोगों ने बैठक कर डीएम को ज्ञापन देने की रणनीति तैयार की।
शहर के पांचाल घाट से सेंट्रल जेल हाईवे के किनारे रह रहे 50 से अधिक लोग रविवार को पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल के घर पहुंचे। उन्होंने आठ सूत्रीय ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि मास्टर प्लान जनता को बर्बाद करने वाला है। जीवन भर की कमाई से बनाए मकान, दुकानें खत्म हो जाएंगी। मास्टर प्लान में हाईवे की चौड़ाई 195 फीट और ग्रीन बेल्ट अलग से ली जा रही है। यह ठीक नहीं है। लोगों में घर, दुकान खोने का भय है।
पूर्व एमएलसी को लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही लोक निर्माण विभाग ने सड़क के दोनों ओर 50-50 फीट पर चिह्न लगाए थे। यानी सड़क की चौड़ाई 100 फीट रखी गई थी। लेकिन अब इसे लगभग दोगुना कर दिया गया है। इससे लोगों को भारी क्षति होगी। राजमार्ग की चौड़ाई 100 फीट ही रखी जाए। नया नक्शा तुरंत निरस्त किया जाए।
लोगों ने पूर्व एमएलसी से बेघर होने से बचाने की गुहार लगाई। पूर्व एमएलसी ने हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। ज्ञापन देने वालों में विहिप नेता दिनेश सिंह तोमर, संजय सोमवंशी, श्यामवीर सिंह राठौर, नरेंद्र सोमवंशी, पवन सक्सेना, अनुराग राठौर, विपिन राठौर, रोहित तोमर आदि शामिल थे।
उधर, नेकपुर खुर्द के प्रधान देवेंद्र कुमार की अगुवाई में गायत्री शक्तिपीठ से हतियापुर रेलवे क्रासिंग तक के 100 से अधिक लोगों ने एक गेस्ट हाउस में बैठक की। इसमें कहा कि इस मार्ग की चौड़ाई 30 मीटर करना ठीक नहीं है। बाईपास बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात काफी कम है। कभी भी जाम जैसे हालात नहीं होते।
यदि इतनी चौड़ाई होती है, तो प्राचीन गुरुगांव देवी मंदिर, सैकड़ों दुकानें, मकानों को नुकसान होगा। यह जनता के साथ अन्याय होगा। लोगों ने एक स्वर से जिलाधिकारी को ज्ञापन देने का फैसला लिया। बैठक में रूपलाल राजपूत, अमित कुमार, सुबोध शाक्य, लाखन सिंह, नेम सिंह शाक्य, किरन गौतम, संकेत शाक्य, संजय शाक्य, विपिन यादव आदि मौजूद थे।