फर्रुखाबाद। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभागार में बैठक में गुरुवार से डीएम व एसपी के खिलाफ कमलबंद हड़ताल का आह्वाहन किया। महासचिव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दोनों अफसरों पर तानाशाही का आरोप लगाया। साथ ही वकीलों से अभद्रता का आरोप लगाकर फतेहगढ़ कोतवाल को हटाए जाने पर जोर दिया।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के स्टेट बैंक वाली गली निवासी अधिवक्ता शिखर की मां का 13 सितंबर को देहांत हो गया था। साथी वकील सांत्वना देने पहुंचे ते गली में तमाम बाइकें खड़ी हो गईं। इधर, वहां बैंक की चेकिंग करने आए कोतवाल ने जाम लगने पर बाइकों के चालान के आदेश दिए। जिस पर वकीलों की कोतवाल से नोकझोंक हो गई थी। वकीलों ने कोतवाल को हटाने की मांग भी की। इसी को लेकर बुधवार को एसोसिएशन अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव की अगुवाई में बैठक हुई।
महासचिव संजीव पारिया ने कहा कि एसपी और डीएम ने तानाशाही रवैया अपना रखा है। वकीलों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रह ेहैं। बैठक में अध्यक्ष समेत वकील शिव प्रताप चीन, दीपक द्विवेदी आदि ने अपने विचार रखे। हासचिव ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, डीजीपी, प्रमुख सचिव को डीएम एसपी के स्थानांतरण के संबंध में पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।
हड़ताल को सफल बनाने के लिए बार एसोसियेशन के महासचिव संजीव पारिया ने चालीस सदस्यीय निगरानी समित का गठन किया है। कमेटी में देवेंद्र सिंह यादव, पीयूष दुबे, शिखर सक्सेना, सत्यपाल सिंह, ब्रजेश कुुमार, राजीव सिंह, अरविंद कुमार वर्मा, मनोज सक्सेना, सुनील कुमार, विपिन प्रताप सिंह, शिव प्रताप सिंह चीनू, राहुल राठौर, आनंद अग्निहोत्री, वैभव मिश्रा, सौरभ मिश्रा, किशन शर्मा, सचेंद्र प्रताप सिंह, मनीष मिश्रा, शिवकांत शाक्य, अंबर गंगवार, राजवीर दुबे, योगेश कुशवाहा, सोनू मिश्रा, अमरदीप सोलंकी, मनीष यादव, कमल सिंह, समीर रजा आदि को शामिल किया गया है।
हड़ताल की घोषणा के बाद बार एसोसिएशन की ओर से फतेहगढ़ कोतवाल जय प्रकाश पाल से लेकर कोतवाली के पैराकार तक को कचहरी परिसर में प्रवेश न देने की बात कही गई।