फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर में गुरुवार को पहुंची बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने बाल विवाह होने से रोक दिया। टीम के समझाने पर परिजनों ने लिखकर दिया कि जब तक उनका पुत्र 21 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेगा, तब तक वह उसकी शादी नहीं करेंगे। कन्या पक्ष को समझाकर शादी करने से रोक दिया गया। शुक्रवार को किशोर की बरात जानी थी।
गांव बुढ़नपुर में 18 वर्षीय युवक की 11 दिसंबर को जनपद हरदोई थाना हरपालपुर क्षेत्र में बरात जानी थी। शादी की निर्धारित आयु 21 वर्ष से कम होने के चलते गुरुवार को बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह, महिला कल्याण अधिकारी नेहा मिश्रा, केंद्र प्रशासक देवांश प्रिया ने मऊदरवाजा थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बाल विवाह रोक दिया। टीम ने परिजनों से युवक के शैक्षिक प्रमाण देखे, जिसमें आयु 18 वर्ष थी। जबकि लड़की की आयु 17 वर्ष पाई गई। दोनों की आयु शादी योग्य न होने पर विवाह रोक दिया गया।
इसके साथ ही हरदोई की महिला कल्याण विभाग की टीम को कन्या पक्ष के घर पर भेजा गया। युवक की मां ने बाल संरक्षण अधिकारी को लिखकर दिया कि जब तक उनका पुत्र 21 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेगा, तब तक वह उसकी शादी नहीं करेंगी।
टीम ने बाल विवाह करने पर उन्हें कानूनन अपराध की भी जानकारी दी। फिलहाल दोनों पक्षों की सहमति से बाल विवाह रोक दिया गया।
फर्रुखाबाद। राजकीय महिला शरणालय इटावा में रखी गई बालिका के परिजन असम प्रांत के जिला गूंगामऊ थाना चिलमपुर के निवासी हैं। काउंसिलिंग में बालिका के बताए गए पते पर परिजनों की तलाश कर ली गई।
इस पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संजीव गंगवार ने राजकीय महिला शरणालय की अधीक्षिका को जारी आदेश में कहा कि बालिका के परिजन गरीब हैं। इससे बालिका लेने आने में असमर्थ हैं। बालिका को पुलिस सुरक्षा में परिजनों के पास भेजा जाए।