सदर तहसील में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों की भीड़ उमड़ी।
पंजीकरण काउंटर पर भीड़ लगी रही। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अफसरों
के सहायकों को चलता कर दिया। पंजीकरण काउंटर पर भीड़ लगी देख जिलाधिकारी ने
फरियादियों से खुद ही प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण का आश्वासन दिया।
131 प्रार्थना पत्रों में 8 का निस्तारण किया जा सका।
तहसील दिवस में
जिलाधिकारी एनकेएस चौहान के आने की भनक लगते ही फरियादियों की भीड़ उमड़
पड़ी। पंजीकरण काउंटर पर फरियादियों की भीड़ लग गई। पंजीकरण रसीद को लेकर
शिकायत कर्ताओं और लिपिक के बीच नोकझोंक भी हुई। जिलाधिकारी ने तहसील
सभागार में अफसरों के सहायकों को देख उन्हें बाहर कर दिया। कहा कि तहसील
दिवस में उनका कोई काम नहीं है। इस पर कई दरोगा और मुख्य सेविकाएं फाइलें
समेटकर चलते बने। पपियापुर निवासी राजबहादुर
ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि
वह ग्राम पंचायत में संक्रमणीय भूमिधर हैं। इसके बावजूद दबंग किस्म के लोग
फर्जी बैनामे करा रहे हैं। लालगेट के रहने वाले राजीव दुबे ने प्रार्थना
पत्र देकर नालियों से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। भटपुरा के रामबख्श ने
राजस्व अभिलेखों में विरासत दर्ज कराने की मांग की। खारबंदी की रहने वाली
शांति देवी ने पारिवारिक लाभ
योजना दिलाने की मांग की। धर्मेंद्र सिंह यादव
निवासी पखना ने प्रार्थना पत्र देकर चकबंदी निरस्त करवाने की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों को फसल बर्बादी का मुआवजा दिलवाने की फरियाद
लगाई। तहसील दिवस में हड्डी रोग विशेषज्ञ के न आने से विकलांगों को
सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सके। इस दौरान 131 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से
जिनमें से आठ का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी जब तहसील दिवस
से उठकर जा रहे थे तो पंजीकरण काउंटर पर फरियादियों की लाइन लगी देख रुक
गए। इस दौरान उन्होंने लाइन में लगे फरियादियों से प्रार्थना पत्र खुद ही
लिए और निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
कायमगंज प्रतिनिधि के
अनुसार एडीएम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 112 फरियादियों ने
अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
एडीएम मनोज सिंघल ने अधिकारियों को पिछले सप्ताह की शिकायतों का निस्तारण
करने के बाद ही तहसील दिवस में आने की सख्त हिदायत दी। यहां घसिया चिलौली
निवासी आरती पुत्री नंद किशोर को उसके परिजन घायलावस्था में लेकर आए। उसने
बताया कि उसे रविवार को गांव के ही विजय
और रामशंकर ने मारपीट कर घायल कर
दिया। भाई और पिता बचाने आए तो उन्होंने उन्हें भी पीटा गया। शिकायत पर
मंडी चौकी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बिल्सडी गांव के जयनरायन मिश्रा,
हरनरायन, बंशीलाल, श्यामादेवी, रतीराम ने बताया कि उनके गांव के 63
किसानों को मिले मुआवजा के चेकों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। ये तब है
जब तहसीलदार ने स्वयं मौके पर जाकर जांच कर सभी पात्रों को सही पाया गया
है। खलवारा गांव के किसानों ने गांव में एक
भी किसान को मुआवजा न दिए जाने
की शिकायत की। किसानाें ने कहा कि गांव में जांच कराकर लाभार्थियों को राहत
राशि उपलब्ध कराई जाए। शाहपुर गंगपुर में पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड
में आग लगने से तबाह हुए लोहिया आवास योजना के लाभार्थी सावित्री पत्नी
रामरतन ने बताया कि आग में उसके घर में रखे आवास बनाने के 1.10 लाख रु पये
भी जल गए थे। इन्हाेंने दोबारा से रकम उपलब्ध कराने की मांग की। कुबेरपुर
गांव की मेहरो बेगम, निखत बेगम, शाहरुख,
अफसाना बेगम, रेहाना बेगम, नाजिम
खंा, जफर खां, हैदर अली ने गांव के बीचोबीच चल रही तंबाकू गोदाम से फैल
रही बीमारियों से लोगों की परेशानी को देखते हुए इसे बंद कराने की मांग की।
ग्राम सभा रजपालपुर के ग्रामीणों ने प्रधान पर गबन करने का आरोप लगाते हुए
जांच की मांग की। रजपालपुर के ग्रामीणों ने लेखपाल पर मृत व्यक्तियों के
नाम राहत चेकों का वितरण करने का आरोप लगाया। फरियादें सुनने के बाद एडीएम
ने कहा कि अधिकारी अपने विभाग से संबंधित
शिकायतों को एक सप्ताह में न
निपटाएं। इसके बाद ही वह अगले तहसील दिवस में आएं। उन्होंने कहा कि
शिकायतों का हर हाल में निस्तारण एक सप्ताह में होना चाहिए। इस दौरान
एएसपी आरबी चौरसिया, एसडीएम बीडी वर्मा, सीओ एके रावत, तहसीलदार विनोद
जोशी, प्रभारी निरीक्षक रूम सिंह यादव, एसडीओ जेराम, बीडीओ विमला देवी आदि
मौजूद रहे।