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सीएचसी में सर्जन न विशेषज्ञ, एक्सरे के भी इंतजाम नहीं

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सीएचसी शमसाबाद में बंद ऑपरेशन थियेटर। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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शमसाबाद। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर न तो कोई विशेषज्ञ चिकित्सक है और न ही सर्जन। प्रसव के लिए ऑपरेशन की नौबत आने पर गर्भवती को रेफर करना ही विकल्प है। अस्पताल में एक्सरे मशीन भी नहीं है, जबकि एक्सरे तकनीशियन की तैनाती है।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग भले ही कोरोना से जंग की तैयारी पूरी होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि विभाग के पास विशेषज्ञ चिकित्सक ही नहीं हैं। सीएचसी शमसाबाद में डॉक्टरों के नौ पदों में फिजीशियन, सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट व स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। अस्पताल में अधीक्षक डॉ. धन सिंह, डॉ. सुनीता दिवाकर व डॉ. प्रवीण ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
डॉ. सुनीता दिवाकर सामान्य प्रसव करा रही हैं। सर्जन न होने से ऑपरेशन की स्थिति होने पर गर्भवती को रेफर कर दिया जाता है। 30 बेड के अस्पताल में 13 बेड महिला वार्ड और 12 बेड जनरल वार्डों में हैं, लेकिन इन पर मरीजों के लिए कंबल नहीं हैं।
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व्यवस्थाओं पर नजर डालें तो अस्पताल में एक्सरे मशीन लगी ही नहीं, जबकि टेक्नीशियन की तैनाती है। उससे दूसरे काम लिए जा रहे हैं। दंत चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ और नेत्र सर्जन न होने से मरीजों को इसका भी लाभ नहीं मिल रहा है। शौचालय अक्सर गंदे रहते हैं। प्रसूताओं के लिए नाश्ते और भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है।
डॉट्स सेंटर रहता है बंद
टीबी के मरीजों की जांच के लिए न कोई इंतजाम हैं और न ही टेक्नीशियन की तैनाती। डॉट्स सेंटर भी बंद रहता है। इससे मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से वाहन सीएचसी गेट पर ही खड़े रहते हैं। ऑपरेशन थियेटर दिखावे के लिए बना है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए परिसर में लगा आरओ महीनों से खराब पड़ा है। दूसरी मंजिल पर बने शौचालय में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन तक नहीं डाली गई। इससे शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं बचे।
शासन से की जा चुकी डॉक्टरों की मांग
सीएचसी अधीक्षक डॉ. धन सिंह शाक्य ने बताया कि लैब में टीबी मरीजों को छोड़कर अन्य सभी जांचें हो रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर वह डॉक्टरों की मांग कर चुके हैं।
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