फर्रुखाबाद। ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन न देने पर वीपी सिंह एंड संस कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। छह साल तक फर्म से टेंडर डालने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी बढ़पुर ललित मोहन पाल रिलीव होने से पहले करके गए हैं। अब यह आदेश बीएसए और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पहुंच गया है।
बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र के शिक्षकों को बीआरसी बढ़पुर में जनवरी व फरवरी में चार-चार दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को भोजन देने के लिए वीपी सिंह एंड संस कंपनी को ठेका दिया गया था। फर्म की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया गया। इससे शिक्षकों ने विरोध कर प्रदर्शन किया। इसकी शिकायत पर जांच में भोजन गुणवत्तापूर्ण नहीं मिला।
ठेकेदार ने टेंडर के दौरान धरोहर राशि 9000 रुपये का चेक विभाग में जमा किया था। इसके अलावा छह हजार रुपये और जमा कराए गए थे। जब चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाया गया तो ठेकेदार के खाते में पर्याप्त धन न होने से चेक का भुगतान भी नहीं हो सका। ठेकेदार ने विभाग के साथ धोखाधड़ी भी की।
खंड शिक्षा अधिकारी ललित मोहन पाल ने वित्तीय अनियमितता और गुणवत्तापूर्ण भोजन शिक्षकों को न देने में वीपी सिंह एंड संस कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। 20 प्रतिशत कटौती कर ठेके का भुगतान करने की संस्तुति की है। जो छह हजार रुपये जमा करए गए थे। वह धनराशि जब्त कर ली है। यह आदेश बीईओ ने बढ़पुर ब्लाक से रिलीव होने से पहले कर दिया, जो अब बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में पहुंच गया है।