फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला रहा है, जबकि अस्पतालों में दवाओं का ही टोटा है। फतेहगढ़ सीएचसी व सिविल अस्पताल में कई दवाएं न होने से मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। अस्पतालों की आईडी जनरेट न होने से दवा आपूर्ति का पेंच फंसा है।
फतेहगढ़ सीएचसी में दाद, खाज के ट्यूब व दवा, लूज मोशन के लिए मेट्रोनेडाजोल, सूजन व दर्द के लिए एनाल्जेसिक दवाएं, एंटी इंफ्लामेट्री, दर्द के लिए जेल व ट्यूब अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। जबकि सिविल अस्पताल में दवाओं की स्थिति इससे भी बदतर है। इससे इन अस्पतालों में बिना दवाई के ही मरीज लौटाए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ कार्यालय के स्टोर में पूछने पर बताया गया कि सभी अस्पतालों में सीधे कार्पोरेशन से दवाई की आपूर्ति की जाती है। यहां सिर्फ कोविड संबंधी दवाएं उपलब्ध हैं।
कार्पोरेशन के फार्मासिस्ट रजनेश यादव ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में सीधे कार्पोरेशन से दवा आपूर्ति के लिए मार्च-अप्रैल में सीएचएसी व पीएचसी की आईडी बनाकर उनकी लिमिट तय कर दी गई थी। फतेहगढ़ सीएचसी, सिविल अस्पताल लिंजीगंज, पुलिस लाइन अस्पताल व एंबुलेंस की अभी तक आईडी जनरेट न किए जाने से वह दवा की आपूर्ति नहीं दे पा रहे हैं। इस संबंध में वह कई बार सीएमओ को पत्र भी लिख चुके हैं। आईडी बनवाना सीएमओ की जिम्मेदारी है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि तकनीकी समस्या से इन अस्पतालों की आईडी अब तक नहीं बन सकी है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही आईडी बनवाकर दवाओं की आपूर्ति कराई जाएगी।