फर्रुखाबाद। सर्दी की पहली अंगड़ाई ने आम जनजीवन को झकझोर दिया है। पारा
लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्यिस पर पर आ टिका है। दिन भर चली सर्द हवाओं से आम
जनजीवन प्रभावित रहा। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा।
शुक्रवार
तड़के से ही आसमान में छाये बादल और घने कोहरे के चलते सुबह लोगों का घर
से निकलना दूभर हो गया। आफत तो तब बढ़ गई, जब सर्द हवाओं ने आम जनजीवन को
आगोश में लेना शुरू किया। बढ़ी ठिठुरन के चलते दिन भर बाजारों में सन्नाटा
पसरा रहा।
दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे और आग तापते नजर आए। ठिठुरन से
सुबह जाने वाले स्कूली बच्चे ठंड में सिकुड़े हुए स्कूल गए। कोहरे के चलते
कई लोग दफ्तरों को देर से पहुंचे। दोपहर 2 बजे सूर्य ने बादलों से बाहर
झांकने का प्रयास किया लेकिन उनका प्रयास असफल गया और सर्द हवाओं और धुंध
ने एक बार पुन: अपना रूप दिखाना शुरू किया। शाम होते-होते पारा लुढ़ककर 7.3
पर पहुंच गया।
सड़कों के किनारे लोग लकड़ी जलाने का इंतजाम करने में लग
गए। कोहरे के चलते ट्रेनें भी लेट हुईं। सुबह 7 बजे आने वाली कालिंदी
एक्सप्रेस दोपहर 1.30 बजे आई। वहीं 12.40 बजे आने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस
2.30 बजे फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर आई।
शाम कानपुर से चलकर बाया
फर्रुखाबाद दिल्ली जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस 9 बजे तक नहीं आई थी। इसी
तरह शाम को 5.30 बजे आने वाली छपरा-मथुरा एक्सप्रेस भी नहीं आई थी। बताया
गया कि दोनों ट्रेनों के रात करीब 11.30 बजे आने की संभावना है। ट्रेनों के
लेट होने के चलते भीषण सर्दी में यात्री प्लेटफार्मों और यात्री
प्रतीक्षालय में ठिठुरते नजर आए।