कायमगंज तहसील के तत्कालीन एसडीएम, अमृतपुर तहसील के तहसीलदार और कृषि स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक समेत आठ लोगों के खिलाफ बुधवार को सीजेएम (चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट) कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है। इन पर जमीन के अभिलेखों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई दो मार्च होगी।
कायमगंज के मोहल्ला पृथ्वी दरवाजा निवासी मोहम्मद नवाज खां ने कायमगंज के तत्कालीन एसडीएम वीडी वर्मा, तहसीलदार शेख आलमगीर, तत्कालीन लेखपाल हरेंद्र, कृषि स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक आनंद कुमार, कंपिल के पितौरा निवासी अदील अहमद खां, तस्कील अहमद खां, सलमान अहमद, तनवीर बेगम के खिलाफ अदालत में परिवाद दाखिल किया। इसमें कहा गया कि कायमगंज तहसील परगना कंपिल में उनकी जमीन है।
इस जमीन पर वह और उसके परिवार के लोग काबिज दाखिल हैं। जमीन पर सिनेमा घर का संचालन हो रहा है। तंबाकू का व्यापार भी किया जा रहा है। अदील अहमद ने बैंक के शाखा प्रबंधक से साठगांठ कर उसकी जमीन पर 7 जनवरी 2003 में 40 हजार रुपये कृषि ऋण लेकर बंधक बना दिया। शाखा प्रबंधक ने 27 जनवरी 2013 को भूमि कोे बंधक मुक्त किया।
आरोपियों ने एसडीएम न्यायालय में मुकदमा कर भू अभिलेखों में हेराफेरी कर खाता संख्या 535 बंधक भूमि को भारमुक्त कराकर 13 अगस्त 2013 को 1410 फसली भूमि को एसडीएम से अकृषित भूमि के रुप में दर्ज करा लिया। जबकि इस भूमि पर उसका व्यापार पहले से चला आ रहा है। वर्तमान में उसकी दुकान और बिस्किट बनाने की बेेकरियां चल रही हैं।
सीजेएम कोर्ट ने में सभी के खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया गया। इसी मामले में अंसर नवाज खां ने भी अदील अहमद, तस्कील अहमद, सलमान अहमद, तनवीर वेगम, गांव वगिया सोहनलाल निवासी सत्यप्रकाश गुप्ता, भारती गुप्ता, तत्कालीन नायब तहसीलदार अनिल तिवारी, लेखपाल हरेंद्र कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का परिवाद दर्ज कराया है।