फर्रुखाबाद। नवाबगंज ब्लाक क्षेत्र की सहकारी समितियों पर खाद की किल्लत बरकरार है। बफर स्टाक से खाद रिलीज कराने के बाद भी समितियों पर खाद नहीं पहुंची है। इससे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। वहीं अन्य ब्लाकों यूरिया पहुंचने से किसानों की दिक्कत कम हुई है।
जनपद में 53 सहकारी समितियों पर खाद का कारोबार होता है। इनकी आठ लाख से 30 लाख तक ऋण सीमा स्वीकृत है। नवाबगंज ब्लाक की सहकारी समिति भटासा, गनीपुर जोगपुर, कनासी, मई रसीदपुर, बबना में खाद का संकट अभी भी बरकरार है। इन समितियों से मांगपत्र भी भेजा जा चुका है, लेकिन खाद नहीं पहुंची। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विजय अग्रवाल ने बताया कि 19 समितियों पर करीब 500 मीट्रिक टन खाद भेजी जा चुकी है। बफर स्टाक को छोड़कर करीब 400 मीट्रिक टन खाद अभी उपलब्ध है। जिन समितियों का भुगतान जमा नहीं हुआ या चेक क्लियर नहीं हुई, उन्हीं पर खाद नहीं पहुंची। शीघ्र ही नवाबगंज की समितियों पर खाद भेजी जाएगी। विक्रेताओं को पीओएस मशीन से यूरिया देने के निर्देश दिए गए हैं। इफको के स्टेट मार्केटिंग मैनेजर अभिमन्यु राय से उनकी वार्ता हुई थी। एक सप्ताह में 2600 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आने की जानकारी मिली है।
निलंबन का आदेश वेतन रोकने तक सिमटा
सहकारी समिति खिमसेपुर, धीरपुर व पपड़ी खुर्द में यूरिया खाद की कालाबाजारी का मामला पकड़े जाने पर जिलाधिकारी ने सचिवों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बावजूद आदेशों का पालन नहीं किया गया। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विजय अग्रवाल ने बताया कि सचिवों का एक माह का वेतन रोककर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
ट्रकों से 80 मीट्रिक टन यूरिया आई
फर्रुखाबाद। खाद की कालाबाजारी के प्रति प्रशासन का रुख देख डीलरों में हड़कंप है। जिसके पास यूरिया का स्टाक कम है, वह रैक का इंतजार न कर ट्रकों से माल मंगा रहा है। गुरुवार को 80 मीट्रिक टन यूरिया ट्रकों से जिले में पहुंची। जिला कृषि अधिकारी डा. राकेश कुमार ने बताया कि यारा फर्टिलाइजर के पांच ट्रकों से 80 मीट्रिक टन यूरिया जिले में पहुंची है। ब्लाक राजेपुर व कमालगंज के डीलरों के प्रतिष्ठानों पर यूरिया खाद उतारी गई। मोहम्मदाबाद के डीलरों ने मांग भेजी है। वहां भी ट्रकों से यूरिया पहुंचने वाली है। विक्रेताओं को पीओएस मशीन से ही खाद बेचने के निर्देश दिए गए हैं।