पुलिस पर फायरिंग में पिता-पुत्र पर इनाम घोषित
फर्रुखाबाद। पुलिस पर फायरिंग करने के आरोपी पिता-पुत्र पर एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। घटना में शामिल भाई पर भी 10 हजार का इनाम घोषित किया गया है। इनाम की रकम बढ़ाने के लिए एसपी की ओर से आईजी जोन को प्रस्ताव भेजा गया है।
कंपिल के गांव सिरसा निवासी जैनेंद्र उर्फ जैना यादव की तलाश में 13 अगस्त को एसओजी व थाना पुलिस ने घर को घेरकर दबिश दी थी। पुलिस से घिरने पर जैनेंद्र व उसके परिजनों ने तीन दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग कर दी थी। एक सिपाही के सीने से गोली रगड़ती हुई निकल गई थी।
घटना के बाद आरोपी भाग गए। जानकारी होने पर एसपी अशोक कुमार मीणा ने नाराजगी जाहिर की। एसओ कंपिल राजेंद्र विक्रम सिंह ने घटना के दो दिन बाद जैनेंद्र उर्फ जैना, पुत्र राहुल, भाई विनोद उर्फ बिन्ना सहित 20 लोगों के खिलाफ मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज कराया था।
जांच कर रहे विवेचक ने तीनों का आपराधिक रिकार्ड निकालकर इनाम की संस्तुति के लिए फाइल एसपी के पास भेजी। एसपी ने जैनेंद्र उर्फ जैना व राहुल पर 25-25 हजार व भाई विनोद उर्फ बिन्ना पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। शातिर अपराधियों पर इनाम की रकम बढ़ाने के लिए फाइल आईजी जोन मोहित अग्रवाल के पास भेजी गई है। एसओ ने बताया कि तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जैना की इलाके में बोलती है तूती
जैना की इलाके में तूती बोलती है। उसके गांव में तीन मकान व परिवार में 24 से अधिक लोग हैं। आसपास के किसी गांव में उसके खिलाफ किसी की बोलने की हिम्मत नहीं है। जैना व उसके परिवार के लोगों पर हत्या, पुलिस मुठभेड़, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
तत्कालीन सीओ व एसओ पर भी कर चुका हमला
जैनेंद्र उर्फ जैना ने वर्ष 2011 में तत्कालीन सीओ योगेंद्र सिंह पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग गया। इसके बाद तत्कालीन एसओ कुलदीप दीक्षित ने दबिश दी। तब जैना ने पुलिस पर फायरिंग की थी। इस पर पुलिसकर्मी वहां से जान बचाकर भागे थे।
एक सिपाही की बाइक भी उसके परिजनों ने छीन ली थी। एक माह बाद बाइक को तोड़ फोड़ कर गांव के किनारे फेंक दिया था। इस घटना के बाद उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया था। जेल से बाहर आने के बाद फिर उसने अपराध किया। तत्कालीन एसओ सुशील कुमार पटेल ने घर में दबिश दी तो उन पर भी जैनेंद्र ने फायरिंग की थी। एसओ ने मुकदमा दर्ज कराकर आरोपियों के अलावा महिलाओं को भी जेल भेज दिया था।