बिजली का नया कनेक्शन हो या खराब मीटर बदला गया हो, इसकी सीलिंग कंप्यूटर
में फीड करने में मीटर विभाग लापरवाही बरत रहा है। इस कारण शहरी क्षेत्र के
लगभग 3500 उपभोक्ताओं के बिजली बिल आरडीएफ में जारी हो रहे हैं। इसको लेकर
अधीक्षण अभियंता ने विभाग के अफसरों के पेंच कसे।
शहरी इलाके में
विद्युत निगम के 45 हजार उपभोक्ता हैं। इसमें 41 हजारं की बिलिंग हर माह
होती है। जिनकी बिलिंग हो रही है उसमें से 3500 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी
बिलिंग आरडीएफ (फिक्स यूनिट) में हो रही है। खर्च होने वाली यूनिट के
अनुसार बिल जारी न होने से उपभोक्ताओं पर बकाएदारी का बोझ बढ़ रहा है। इतनी
बड़ी संख्या में बिजली बिल आरडीएफ में जारी होने पर अधीक्षण अभियंता तारीक
मतीन ने शुक्रवार को विद्युत वितरण खंड शहरी क्षेत्र और मीटर विभाग पहुंच
कर मामले की
जानकारी ली। मीटरों की सीलिंग ऑन लाइन फीडिंग में अनदेखी पर
मीटर विभाग के अफसरों की फटकार लगाई। जिन मीटरों की सीलिंग नहीं चढ़ी है,
उनको ऑन लाइन फीड कराने के निर्देश दिए हैं। मीटर विभाग के अफसरों को
कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अधीक्षण अभियंता की नाराजगी के बाद मीटर
विभाग के अधिकारी और वितरण खंड शहरी क्षेत्र के अफसरों ने मीटरों की सीलिंग
ऑन लाइन फीड करने का कार्य शुरू कर दिया है। एक्सईएन शहरी सुरेश कुमार ने
बताया कि मीटरों की सीलिंग फीड कराने को कर्मचारी लगा दिए हैं। इसका कार्य
शुरू करा दिया गया है।
यह है नियम
खराब मीटर बदलने या नए
कनेक्शन पर उपभोक्ता के घर मीटर लगाने के दौरानर विभाग के कर्मचारी को तीन
प्रतियों में सीलिंग भरनी होती है। इसकी एक प्रति उपभोक्ता को दी जाती है।
इन दो प्रतियों में मीटर विभाग एक प्रति वितरण खंड को भेज देता है। ताकि
ऑन लाइन फीडिंग होने पर उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के अनुसार बिल जारी हो
सके।