फर्रुखाबाद। रेलवे का प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर चलाकर आरक्षित टिकटें बेचने वाले दलाल को बहराइच से दबोचा गया। रेलवे सुरक्षा बल और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर सफलता पाई है। इस फर्जीवाड़े में अभी तक वाणिज्य अधीक्षक समेत चार लिपिक और दो दलाल जेल जा चुके हैं।
आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार, क्राइम ब्रांच के सत्येन्द्र प्रताप सिंह की टीम ने रेलवे के आरक्षित टिकट बनाने के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने वाले बहराइच के थाना कैसरगंज के डिहवा शेर बहादुर सिंह हुजूरपुर रोड निवासी टिकट दलाल फिरोज अहमद अंसारी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 18 पीआरएस टिकट तथा 239 रेल आरक्षित ई-टिकट व एक लैपटॉप भी बरामद किया।
गिरफ्तार दलाल से पूछताछ में आरपीएफ को तमाम ऐसे राज हाथ लगे, जिससे आने वाले दिनों में कई दलाल और रेल कर्मी भी फसेंगे। आरपीएफ ने इसके लिए भी जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
गुरसहायगंज में आरक्षित टिकटों में फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी बहराइच का राजू उर्फ मोहम्मद मजहर अभी तक फरार है। आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी कुर्की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।