फर्रुखाबाद। लोहिया पुरुष अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की लंबी लाइन लग रही है, इसके बावजूद फिजीशियन समय पर ओपीडी में नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को फिजीशियन 12 बजे के बाद ओपीडी पहुंचे। भीड़ अधिक होने से पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी तक मरीजों में धक्का मुक्की होती रही।
मौसमी बीमारियां बढ़ने से लोहिया अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को 842 मरीजों ने पर्चे बनवाए, इसमें खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 520 थी।
संख्या अधिक होने से मरीजों में पहले पर्चे की लाइन में धक्का मुक्की हुई फिर फिजीशियन कक्ष के बाहर। दरअसल पुरुष अस्पताल में केवल एक फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार ही तैनात हैं। वह भी दोपहर 12 बजे तक कक्ष में नहीं बैठे। इनटर्नशिप करने आए बीएएमएस के तीन छात्र मरीजों की जांच कर दवाएं लिख रहे थे। 12 बजे के बाद डाक्टर ने मरीजों को देखना शुरू किया।
फिजीशियन के दो पद खाली
लोहिया अस्पताल में फिजीशियन के तीन पद हैं। इसमें दो पद लंबे समय ये रिक्त चल रहे हैं। एक मात्र फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार की ही तैनाती है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ भी नदारद
दोपहर साढ़े 12 बजे आर्थो सर्जन डॉ. बीके दुबे सीट पर नहीं थे। कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। कर्मचारी मरीजों के पर्चे जमा कर रहा था। उसने बताया कि डॉक्टर कहीं गए हैं। दूसरे आर्थो सर्जन दिव्यांग बोर्ड में गए थे।
सीबीसी, मलेरिया के लिए 150 नमूने
लोहिया अस्पताल में बुखार जनित बीमारियों की जांचें तेजी से बढ़ रही हैं। सोमवार को सीबीसी, मलेरिया आदि की जांच के लिए करीब 150 नमूने लिए गए।
डेंगू मरीजों के लिए 18 बेड
अस्पताल के प्रथम तल पर डेंगू मरीजों के लिए तीन वार्ड बनाए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में 6-6 बेड हैं। सभी बेडों पर मच्छरदानी लगाई गई हैं। अभी एक भी डेंगू मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है।
डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाकर बेड लगा दिए गए हैं। दवाओं का भी स्टाक है। अभी डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। वायरल, मलेरिया और टायफायड के मरीज आ रहे हैं।
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस लोहिया पुरुष अस्पताल।