लोहिया अस्पताल की ओपीडी में आर्थो सर्जन के कमरे में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ रही। बीमारी से जूझ रहे 750 लोगों ने इलाज कराया। आर्थो सर्जन के चैंबर में भीड़ अधिक होने की वजह से धक्का मुक्की होती रही। डाक्टर ने कई बार मरीजों को बाहर निकालकर एक-एक कर अंदर बुलाए, मगर मरीज जबरन घुसते रहे।
लोहिया अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी दस्त और ह़ड्डी रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल में पहुंचे साढ़े सात सौ मरीजों में से करीब 300 मरीज फिजीशियन को दिखाने आए। पौने 200 मरीजों ने आर्थो का पर्चा बनवाया।
सुबह साढ़े आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हुआ। 10 बजे पर्चा काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को काफी इंतजार के बाद ही पर्चा बनवाने का नंबर आ सका। आर्थो सर्जन डॉ. योगेंद्र मिश्रा के चैंबर में मरीजों की भीड़ जमा रही। पहले दिखाने के प्रयास में धक्का मुक्की होती रही।
दो-तीन बार डाक्टर ने मरीजों को बाहर निकाल दिया। फिर भी मरीज जबरन चैंबर में कुर्सी के पास भीड़ लगाए रहे। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि मौसम गर्म होने की वजह से मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों की कमी है। फिर भी उनका प्रयास रहता है कि कोई भी मरीज बिना दवाई के वापस न लौटे।
दस दिन बाद लीवर, किडनी की जांच शुरू
लोहिया महिला अस्पताल में बंद बायो कैमिस्ट्री मशीन को 10वें दिन सही किया जा सका। अब लीवर और किडनी की जांच शुरू हो गई। इससे महिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को काफी आसानी हो गई।