लोहिया अस्पताल की इंमरजेंसी के बाहर जानकारी देता सचिन व स्ट्रेचर पर लेटी उसकी मां। संवाद
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची महिला मरीज को डॉक्टर ने भर्ती किया, सिटी स्कैन कराया लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं देखी। बिना रेफर लेटर दिए मरीज को बाहर निकाल दिया गया। स्ट्रेचर के पास पड़ी बीमार मां के पास बेटे और बेटियां डेढ़ घंटे तक रोते रहे लेकिन स्वास्थ्य कर्मी नहीं पसीजे। बेहोशी की हालत में उन्हें लेकर बच्चे घर चले गए।
हैवतपुर गढ़िया कांशीराम कालोनी निवासी ऊषा (58) को रविवार शाम दौड़ा पड़ गया। सोमवार सुबह करीब सात बजे पुत्र सचिन, पुत्री आरती और मोहिनी उन्हें लेकर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. मनोज पांडेय ने महिला को भर्ती करके ग्लूकोज चढ़ाने के लिए ड्रिप लगाई गई। कुछ देर बाद डॉक्टर ने सीटी स्कैन के लिए भेज दिया। वहां से लौटने पर कर्मचारियों ने बची आधी बोतल चढ़ाने से इनकार कर दिया।
सचिन ने बताया कि ड्यूटी स्टाफ ने सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय या प्राइवेट अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी किसी ने नहीं देखी। बेटियों और बेटे ने गरीबी का हवाला देकर इलाज का आग्रह किया लेकिन स्टाफ ने मरीज को बाहर कर दिया। इमरजेंसी के बाइक करीब डेढ़ घंटे मरीज स्ट्रेचर पर पड़ी रही और बच्चे रोते रहे। बाद में बेहोश मां को ई-रिक्शा पर लेकर घर चले गए। सचिन ने कहाकि मंगलवार को बीमार मां को लेकर डीएम के पास जाएंगे।
महिला मरीज को इमरजेंसी से बाहर करने की कोई शिकायत नहीं मिली है। मैं सच्चाई का पता लगाकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजूंगा। जिस कर्मचारी की मौत हुई थी, उसका शव कर्मचारी गेट के पास पड़ा होने की जानकारी दे रहे हैं।
-डॉ. वीके दुबे, प्रभारी सीएमएस लोहिया अस्पताल