फर्रुखाबाद/कमालगंज। बुखार ने तीन और लोगों की जान ले ली। फतेहगढ़ में एक महिला, शेखपुर गांव में किशोरी और जहानगंज क्षेत्र में बच्चे की मौत हो गई।
फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्रानगंज निवासी रामनिवास की पुत्री आरती (30) रक्षाबंधन पर मायके आई थी। उसकी ससुराल कमालगंज क्षेत्र के गांव शेरपुर सराय में है। रविवार शाम तेज बुखार आने पर परिजन आरती को निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर ससुराल वाले शव ले गए। आरती के पांच बच्चे हैं।
कमालगंज के गांव शेखपुर के आत्माराम सक्सेना की 11 वर्षीय पुत्री किरन की भी बुखार से मौत हो गई। उसे दस दिन से बुखार था। पहले कस्बे के एक क्लीनिक में दवा ली। तीन दिन पूर्व हालत गंभीर होेने पर परिजनों ने किरन को फतेहगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार रात वहां किरन की मौत हो गई।
जहानगंज क्षेत्र के गांव आलूपुर निवासी रजनेश के 4 साल के पुत्र विकास को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। सोमवार दोपहर बाद उसकी हालत बिगड़ी, तो परिजन लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉ. अरिदमन सिंह ने मृत घोषित कर दिया।
दो सितंबर को कोठी निवासी जलील की जान गई। चार, पांच व छह सितंबर को गांव बिढ़ैल में एक-एक बच्चे की मौत हुई। पांच सितंबर को कोठी गांव के विनोध की मौत हुई। सात सितंबर को बिढ़ैल के मजरा नगला खुरू में रुकमंगल और नौ सितंबर को नवाबगंज के रिंकू की आठ माह की पुत्री, 11 सितंबर को शमसाबाद में भूरा बंजार की मौत बुखार हो चुकी है। 12 सितंबर की रात किरन और 13 सितंबर को आरती की जान गई।
ओपीडी में मरीजों की लाइन
लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम नहीं हो रही है। सोमवार को 755 मरीजों पहुंचे। इसमें 350 खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित थे। पर्चा काउंटर पर सुबह आठ बजे से महिला और पुरुषों की लाइन लग गई थी। भीड़ के कारण कई बार धक्कामुक्की की नौबत आ गई। विवाद होने पर सुरक्षा कर्मियों ने शांत कराया। नौगवां की विजयश्री दो बच्चों को लेकर आईं थीं।
नारायनपुर गढ़िया 30 से अधिक बीमार
कमालगंज। क्षेत्र के 12 से अधिक गांव में पहले से ही बुखार फैला हुआ है। अब बुखार ने नारायनपुर गढ़िया गांव में भी लोग बीमारी की यहां 30 से अधिक लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने चार गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवाएं दीं।
नारायनपुर गढ़िया गांव के निकेश, स्वाति, अमित आदि बुखार की चपेट में हैं। अमित की हालत गंभीर है। उसका कानपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बुखार आने के बाद मरीजों को काफी कमजोरी लगती है। कई मरीजों की प्लेटलेट्स कम हुई हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।
उधर, भिम्मी नगला में सोमवार को नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट ने शिविर लगाया। फार्मासिस्ट आशुतोष सक्सेना ने 53 मरीजों का दवाएं दीं। एलटी ने 21 की मलेरिया, 10 की टाइफाइड व पांच की डेंगू जांच की। नगला जोध में 58 मरीजों को दवाएं देने के साथ तीन मरीजों की डेंगू,12 की मलेरिया व सात की टाइफाइड जांच की गई।
गांव महरूपुर राबी गांव में 55 की मलेरिया, आठ की टाइफाइड व पांच की डेंगू जांच की गई। अहमदपुर देवरिया गांव में 85 मरीजों को दवाई दी। 10 मरीजों की मलेरिया व टाइफाइड जांच की गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि चार गांव में शिविर लगाए गए। नारायनपुर गढ़िया गांव में बुखार फैलने की जानकारी नहीं है। मंगलवार को टीम भेजेंगे।