फर्रुखाबाद। जिले की नोडल अधिकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने गुरुवार को सातनपुर स्थित पीसीएफ गोदाम का निरीक्षण किया। उन्हें राशन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिली। अस्तव्यस्त स्टॉक में कई बोरियां हाथ से सिली मिलीं। तौलने पर एक बोरी में 50 किलो की जगह 39 किलो ही गेहूं निकला।
नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला ने डीएम संजय कुमार सिंह, सीडीओ एम. अरून्मोली समेत अन्य अफसरों के साथ पीसीएफ गोदाम सातनपुर में खाद्य विभाग के राशन स्टॉक का निरीक्षण किया। अनाज की कई बोरियां फटी मिलीं। बोरियों के चट्टे भी हिसाब से नहीं लगे थे। इस पर नोडल अधिकारी ने गोदाम प्रभारी क्षेत्रीय विपणन अधिकारी नीरू को फटकार लगाई। डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह से पूछा कि राशन का सत्यापन कौन करता है तो बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट।
उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव से पूछा कि कितनी देर में सत्यापन हो जाता है तो उन्होंने कहा कि डेढ़ घंटे में। नोडल अधिकारी ने कहा कि करके दिखाओ। इस पर कुछ बोरियां इधर-उधर पलटी गईं, लेकिन डेढ़ घंटे में सत्यापन नहीं हो सका। स्टॉक के बारे में पूछा तो डिप्टी आरएमओ ने कहा कि कई योजनाओं का राशन है। इसमें अंत्योदय, पात्र गृहस्थी कार्ड, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, अंत्योदय चीनी, आंगनबाड़ी के चावल, हॉटकुक्ड गेहूं आदि योजनाओं का राशन आता है।
नोडल अधिकारी ने पूछा आंगनबाड़ी का राशन किधर लगा है। इस पर डिप्टी आरएमओ ने कहा कि सब एक साथ लगा है। नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यही तो सब घालमेल है। कोटेदारों को कम राशन देने, निजी कर्मचारी से कोटेदारों को राशन वितरण कराने, गोदाम में राशन खुला पड़ा होने पर भी नाराजगी जताई गई। कई योजनाओं का एक साथ राशन लगा होने से स्टॉक का मिलान भी नहीं हो सका। नोडल अधिकारी ने जिम्मेदारों के खिलाफ डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
जब नमूने ही नहीं लेते तो जांच रिपोर्ट कहां से आएगी
नोडल अधिकारी ने अभिहित अधिकारी सैय्यद शाह नवाज हैदर आबिदी से पूछा कि गोदाम में खाद्य पदार्थों के कब नमूने लिए गए थे। इस पर अभिहित अधिकारी ने जवाब दिया कि गोदाम से नमूने लेने ही नहीं दिए जाते। साथ ही तर्क दिया यदि नमूना फेल हो गया तो माल सीज करना पड़ेगा।
इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि आपको अपना काम करना है ना कि परिणाम की चिंता करना। दूसरी ओर डिप्टी आरएमओ ने कहा कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट काफी देरी से मिलती है। इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि जब नमूने ही नहीं लिए गए तो जांच रिपोर्ट कहां से आएगी। नोडल अधिकारी ने कहा कि मिलीभगत से सब कुछ गड़बड़ चल रहा है।
घटतौली की शिकायत पर नोडल अधिकारी ने फतेहगढ़ के मोहल्ला गाड़ीखाना स्थित कोटेदार शिवकुमार शर्मा की दुकान का निरीक्षण किया। कोटेदार को पहले ही सूचना दे दी गई थी। कोटेदार ने कोविड नियमों का पालन दिखाने के लिए चूने से गोले बनवाए और एक बाल्टी पानी भरवाकर रख लिया। इलेक्ट्रानिक कांटा भी चालू कर दिया, जबकि वितरण तराजू से चलता रहता है।
स्टॉक चेक किया तो पहले चरण में गेहूं-चावल का वितरण पूरा दिखा दिया, जबकि 41 किलो चना, तेल और नमक दुकान पर रखा मिला। चने के कई पैकेट फटे मिले। नोडल अधिकारी ने पूछा कितने कार्ड हैं तो बताया 630। कितना कमीशन बनता है तो बताया 8750। कितना खर्च आता है तो बताया 4000। नोडल अधिकारी ने कहा फिर 4750 रुपये में घर खर्च कैसे चलाते हो।
इस पर डीएसओ जीवेश कुमार मौर्य ने सफाई दी कि अगले माह से कमीशन दो गुना होने जा रहा है। इसी इंतजार में कोटेदार काम कर रहे हैं। दुकान पर आंगनबाड़ी के लाभार्थियों का राशन वितरण का हिसाब कोटेदार नहीं दे सका। कागज पर लिखी पर्ची दिखाई, लेकिन उस पर तिथि अंकित नहीं थी। रजिस्टर पर लिखे मोबाइल नंबर पर जब एडीएम ने फोन किया तो नंबर ही गलत निकला। नोडल अधिकारी ने पूर्ति निरीक्षक इंद्रजीत यादव से पूछा कि स्टॉक में खाद्य विभाग व आंगनबाड़ी के लाभार्थियों का राशन बताओ। इस पर वह जवाब नहीं दे सके।