डीएम कार्यालय के बाहर खड़े भरतपुर रसूलपुर के ग्रामीण।
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खंभा न तार, बिजली बिल 90 हजार
फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव भरतपुर रसूलपुर में दो वर्ष पहले बिजली न होने के बावजूद ग्रामीणों को 14 वर्ष पुराना कनेक्शन दिखाकर 90 हजार तक के बिल थमा दिए गए। इससे परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से बिल निरस्त करने की गुहार लगाई है।
गांव भरतपुर रसूलपुर निवासी वेदराम, जयवीर सिंह, राजपाल सिंह, पन्नालाल सहित करीब 30 से अधिक ग्रामीण सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बिजली विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। शिकायत में कहा कि वर्ष 2007 में उनके गांव में रिलायंस कंपनी द्वारा विद्युतीकरण कराया गया और 10-10 किलोवाट के ट्रांसफार्मर लगाए गए।
इसके बावजूद गांव को फीडर से जोड़कर कभी बिजली आपूर्ति नहीं की गई। फीडर से जोड़ने के लिए खंभे व तार भी नहीं लगाए गए और कनेक्शन के लिए बीपीएल कार्डधारकों की सूची बना ली। किसी को न तो कनेक्शन दिया और न ही मीटर लगाए गए। अधिकांश घरों में अभी भी कनेक्शन नहीं है।
अब बिजली विभाग से गरीबों के नाम 80 से 90 हजार रुपये तक के बिल भेजकर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब दो वर्ष से प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत गांव में विद्युतीकरण कर कनेक्शन दिए गए। उसका वह लोग बिल देने को तैयार हैं। जिलाधिकारी से पुराना बिल समाप्त कराने की मांग की है।