फर्रुखाबाद/कमालगंज। कोरोना की संभावित तीसरी लहर और ओमिक्रॉन से निपटने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल और कमालगंज सीएचसी के पीकू वार्डों में मॉक ड्रिल हुई। कमालगंज में बिना पीपीई किट के पुरुष स्टाफ नर्स ने मरीज का इलाज किया। इतना ही नहीं यह कार्रवाई पांच मिनट में ही निपट गई।
लोहिया अस्पताल में जेडी सरोजबाला की देखरेख में सोमवार दोपहर पीकू वार्ड में मॉक ड्रिल की गई। एंबुलेंस से कमालगंज के कुंदननगर निवासी छह माह के दिव्यांश को उसकी मां रुचि एंबुलेंस से लेकर पहुंचीं।
एंबुलेंस का सायरन बजते ही पीपीई किट में मौजूद स्टाफ ने एंबुलेंस से बच्चे को गोद में लिया और तीन मिनट में ही इलाज शुरू हो गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा, सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त, पीकू वार्ड प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. अजय सूद भी मौजूद रहे।
उधर, कमालगंज सीएचसी में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमेश वर्मा ने दोपहर 12 बजे पहुंचकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री, डॉ. विकास पटेल व डॉ. मान सिंह वर्मा से पूछताछ कर अभिलेख देखे।
जनरेटर और ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। करीब ढाई बजे पीकू वार्ड में होने वाली मॉक ड्रिल के लिए स्वास्थ्य कर्मी ने अस्पताल में आए मरीजों को मनाने का प्रयास किया, मगर कोई तैयार नहीं हुआ। वार्ड के स्वीपर शिवा को एंबुलेंस में लिटाकर सीएचसी के बाहर ले जाया गया। सायरन बजाती एंबुलेंस पहुंची तो स्वास्थ्य कर्मी शिवा को स्ट्रेचर पर लिटाकर अंदर ले गए।
वार्ड के बाहर स्वास्थ्य कर्मी दुर्गेश सक्सेना ने आला लगाकर जांच की। वार्ड में ले जाकर बेड पर लिटाया गया। दुर्गेश ने मरीज की ऑक्सीमीटर से जांच के बाद ऑक्सीजन दी। यह पूरा प्रदर्शन पांच मिनट में ही हो गया। किसी भी कर्मी ने पीपीई किट नहीं पहनी थी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि पीपीई किट स्टॉक में हैं। किट खराब न हो, इसलिए नहीं पहनी गई।
लोहिया अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान एंबुलेंस से बच्चे को उतारते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD