कमालगंज। जुलाई में मनरेगा से पौधरोपण का विशेष अभियान चलाया गया था। ग्राम पंचायतों में दो हजार से 22 सौ पौधे लगवाने का दावा किया गया था। इस समय हालत ये है कि कई ग्राम पंचायतों में ज्यादातर पौधे दम तोड़ चुके हैं। उस्मानगंज में तालाब के किनारे लगाए सभी 2500 पौधे नष्ट हो गए हैं।
शासन के निर्देश पर पौधरोपण अभियान के लिए जून माह में रोजगारसेवकों से प्रस्ताव लेकर हर ग्राम पंचायत में पौधे लगाई गए थे। पर्याप्त देखभाल न होने से इनमें ज्यादातर पौधे नष्ट हो गए। उस्मानगंज में 60 बीघा तालाब के करीब 25 बीघे के हिस्से में चारो ओर 2500 पौधे मनरेगा से लगवाए गए थे।
अब यहां एक भी पौधा नहीं है। अन्य गांवों के तालाबों में भी किनारे लगे कई पौधे सूख गए हैं। उस्मानगंज के ग्राम प्रधान बेबी कुशवाहा के पति आकाश बाबू ने बताया कि ज्यादा पानी बरसने के चलते तालाब का पानी ऊपर तक आकर आसपास भी भर गया था। इससे पौधे नष्ट हो गए।
कमालगंज। ब्लाक क्षेत्र के गांव सिंधौली में वन विभाग की नर्सरी है। डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने पौधे तैयार करने वाली नर्सरी के पास पांच बीघा खाली पड़ी जमीन का उपयोग करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग की ओर से अर्जुन, रातरानी, शीशम, यूकेलिप्टस, जामुन आदि के पौधे लगाए गए थे। पौधे लगने के बाद कुछ दिन तक तो इनकी देखभाल की गई। इसके बाद मुंह मोड़ लिया गया। पौधों को पानी देना तो दूर घास-फूस की सफाई भी नहीं की जाती।
रविवार को नर्सरी की देखभाल करने वाले कर्मचारी मौजूद थे। पौधों की देखभाल न होने की बात पर उन्होंने सफाई दी कि पास में लगे प्राइवेट ट्यूबवेल लगा है। अधिकारी आदेश देंगे तभी पानी मिलेगा। वहीं वन दरोगा परशुराम ने बताया कि अब पौधों की अच्छे से देखभाल कराई जाएगी, पानी भी लगवाया जाएगा।(संवाद)
वन विभाग की नर्सरी में राधेश्याम, फूलसिंह व रामनरेश पौधशाला की देखभाल करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय से मानदेय नहीं मिल पाता। साल भर में करीब 60 हजार मानदेय बनता है। इस बार अभी साढ़े 10 हजार ही मिल पाए।