कमालगंज। रामलीला के 16वें दिन शनिवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक का मंचन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जिस रामराज्य की प्रतीक्षा सदियों से थी, वह दृश्य जीवंत होते ही रामलीला मैदान प्रभु श्री रामचंद्र के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
भरत द्वारा खड़ाऊं रखकर राजकाज चलाने के त्याग का कालखंड पूर्ण हुआ और अपने वास्तविक स्वामी को पाकर अयोध्या का राजसिंहासन सुशोभित हो गया। लीला प्रसंग के अनुसार, कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ ने सूर्य के समान देदीप्यमान दिव्य सिंहासन मंगवाया। श्रीराम ने गुरु चरणों में प्रणाम कर देवी सीता के साथ सिंहासन ग्रहण किया। आचार्य शोभित व्यास, पुजारी आशू शुक्ला ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राज्याभिषेक कराया। अजय माहेश्वरी, केशव गुप्ता, मदन माहेश्वरी, डॉ. शिवकुमार गोयल, संजय गुप्ता, मेवाराम गुप्ता आदि ने प्रभु स्वरूपों का माल्यार्पण किया। प्रभाशंकर औदीच्य काका ने स्वस्तिवाचन किया। अमित गुप्ता, दिलीप गुप्ता, अनुभव गुप्ता, सौरभ चौरसिया, सतीश माहौर, अशोक श्रीवास्तव, मधुसूदन दवे, जेपी कटियार, नित्यप्रकाश वर्मा, अनुपम दास गुप्ता, पप्पू हलवाई, पवन माहेश्वरी, सोनू गुप्ता, गोपाल पालीवाल, रवि गुप्ता ने भी आरती उतारी। स्वरूपों को नजर (भेंट) अर्पित कर आशीर्वाद लिया गया।
गेस्टहाउस के बजाय रामलीला मैदान में हुआ कार्यक्रम-
वर्षों से राज्याभिषेक की लीला गेस्ट हाउस में हो रही थी। इस बार रामलीला के अपने विशाल मैदान में राजगद्दी समारोह हुआ। इस मौके पर अयोध्यापुरी बना मैदान दुल्हन की तरह सजा था। इसका अच्छा संदेश गया। लेकिन, बहुत से लीला प्रेमियों को स्थान बदलने की पहले से जानकारी नहीं हो पाई।