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टिकटों की कालाबाजारी में धरा लखीमपुर का लिपिक और दलाल

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फर्रुखाबाद। गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ होने के मामले में लिप्त लखीमपुर खीरी स्टेशन के लिपिक और एक दलाल को दबोच लिया गया। आरपीएफ की पूछताछ में कई नए नाम भी सामने आए हैं। इससे रेल कर्मियों में हड़कंप है। गिरफ्तार आरोपियों को मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
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रेलवे में आरक्षित टिकटों में हो रही दलाली पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने 11 जुलाई को गुरसहायगंज स्टेशन से वाणिज्य अधीक्षक (सीएस), दो लिपिक और एक दलाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में शामिल सरगना बहराईच का रहने वाला है। आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार, दरोगा चंद्र प्रकाश व आरपीएफ क्राइम ब्रांच सत्येन्द्र प्रताप सिंह व वीरेंद्र कुमार सिंह की जांच में रेलवे आरक्षण में पूरे मंडल में कनेक्शन सामने आए। टिकटों की कालाबाजारी में मुख्य भूमिका निभाने वाले लखीमपुर के लिपिक विकल्प भारद्वाज निवासी इज्जतनगर बरेली और दलाल विनोद कुमार यादव निवासी मछलीशहर जौनपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में लिपिक ने बताया कि वह दलालों के लिए कई सालों से काम कर रहा था। वह तत्काल टिकट लाइन में लगे लोगों को न देकर खुद आरक्षण मांग पत्र भरकर टिकट बना लेता था। टिकट दलाली के शक से बचने को पता व मोबाइल नंबर भी फर्जी डालता था। उसने कई अन्य लिपिकों से संबंध होना भी आरपीएफ को बताया हैै। आरपीएफ के पास कई नाम पहुंच जाने से लिपिकों में हड़कंप मच गया है। लिपिक और दलाल को रेलवे मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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बैंक खातों से हुआ काफी लेन-देन
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि लिपिक और दलाल मोबाइल से जुड़े रहते थे। इनके खातों में लेन-देन होता था। इनके खातों में बड़ी रकम का लेन-देन होना पाया गया। टिकट कालाबाजारी में जांच के दौरान कई अन्य कर्मचारियों का भी फंसना तय है।
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