फर्रुखाबाद। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत मोटी रकम खर्च कर रही है लेकिन नगर पालिका सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पा रही। शहर से कूड़ा उठाने के लिए कई वाहन चलाने का दावा विभाग कर रहा है। फिर भी गली-मोहल्लों में कूड़े के ढेर रोजाना नहीं उठते। इससे लोग परेशान रहते हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था में 16 ट्रैक्टर, 25 हूपर, दो डीसीएम, दो कॉम्पैक्टर, तीन जेसीबी और दो पोकलैंड मशीनें लगी हैं, फिर भी जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं। नाले-नालियों से निकली सिल्ट समय पर नहीं उठती। मंगलवार को चौक से बीबीगंज तक कई मोहल्लों से कूड़ा नहीं उठाया गया।
गुदड़ी के पास दो बजे तक करीब दो ट्राली कूड़ा सड़क पर ही पड़ा रहा। इसी तरह बीबीगंज मुख्यमार्ग पर दो स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे थे। यहां सोमवार को नाले से निकाली गई सिल्ट भी अभी तक नहीं उठाई गई। नखास चौकी से चटाई वाली गली की ओर भी कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे थे। गंदगी के आसपास आवारा मवेशी जमा थे।
कूड़ा उठाने के लिए लगे वाहनों के क्षेत्र निर्धारित हैं। वाहन चालक डीजल बचाने के चक्कर में पूरा कूड़ा उठाने के लिए अधिक फेरे नहीं लगाते हैं। यही कारण है कि शहर की जनता को दिक्कत उठानी पड़ती है।
गुदड़ी निवासी रिफाकत उल्ला ने बताया कि यहां एक दिन छोड़कर कर्मचारी कूड़ा उठाते हैं। कई बार ढेर पर जमा जानवर राहगीरों को दौड़ा लेते हैं। महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत है। ढेर से उठती दुर्गंध से रुकना मुश्किल होता है।
बीबीगंज के नन्हें बाथम ने बताया कि नाले की सिल्ट सोमवार को निकाली गई थी। उसी पर गलियों का कूड़ा भी फेंक दिया गया। ये अभी तक नहीं उठा। आसपास की दुकानों पर ग्राहक आने बंद हो गए। परेशानी को पालिका कर्मी नहीं समझते।
‘हर हाल में सुबह 11 बजे तक सभी स्थानों से कूड़ा उठाने के निर्देश हैं। किसी कारण से कुछ देर हो सकती है। यदि रोजाना नहीं उठता, तो इसकी जांच करवाएंगे।’
-विजेंद्र कुमार सिंह, मुख्य सफाई एवं स्वास्थ्य निरीक्षक, नगर पालिका।
शहर के मोहल्ला बीबीगंज में रोड किनारे लगी नाले से निकाली गई सिल्ट। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD