जान लेवा हमले में 21 साल बाद न्याय
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एससी एसटी के न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता प्रथम ने 21 साल पूर्व हुए जानलेवा हमले के मुकदमे के तीन आरोपियों को दोषी पाकर 10-10 साल की सजा सुनाई है। 15-15 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मोहल्ला बिर्राबाग कादीरगेट निवासी शिवचरन लाल हंस ने 15 जुलाई 2000 को फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना निवासी अनंतराम, लज्जाराम, रंजीत व शमसाबाद के गांव इमादपुर निवासी सुशील कुमार के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा कि 15 जुलाई की रात 10 बजे वह भतीजों के साथ मकान के अंदर बैठा था। तभी आरोपी असलहे लेकर आए और जाति सूचक गाली देने लगे। विरोध करने पर उन्होंने फायर कर दिया। वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद भतीजे अजय कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया।
आरोपी उसके मकान पर कब्जा करना चाहते थे। जिस कारण हमला किया। पुलिस ने जांच के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान आरोपी लज्जाराम की मौत हो गई। तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला।
सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार कटियार व बचाव पक्ष के वकील ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।