जिला जेल में बंद अपनों से मिलने आए लोग। संवाद
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फर्रुखाबाद। जेल में हुए उपद्रव की जांच के लिए फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे सीओ कायमगंज ने ड्रोन कैमरा उड़वाकर जेल की भौगोलिक स्थिति का आंकलन किया। इससे यह पता चलेगा कि उपद्रव के दौरान बंदी और पुलिस अधिकारी कहां से मोर्चा संभाले थे। इसके साथ ही सीओ ने जेलर के बयान दर्ज किए। जांच में सीओ के सहयोग के लिए एक इंस्पेक्टर व दो दरोगा को लगाया गया है।
जिला जेल में रविवार को आगजनी, पथराव, फायरिंग व बंदी शिवम की मौते होन के बाद जेलर अखिलेश कुमार ने 27 नामजद व अज्ञात बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने उपद्रव के नियंत्रण के दौरान छीनाझपटी में स्वचलित असलहा चलने का उल्लेख करते हुए सैकड़ों अज्ञात बंदियों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित 16 धाराओं में मुकदमा लिखाया था। इसी दिन फतेहगढ़ कोतवाल जयप्रकाश पाल ने जेल में तलाशी के दौरान तमंचा व कारतूस मिलने के आरोप में रिपोर्ट लिखाई थी। इन तीनों मुकदमों की जांच एसपी ने सीओ कायमगंज को गुरुवार को सौंप दी थी। शुक्रवार को सीओ कायमगंज सोहराब आलम एसपी अशोक कुमार मीणा व एएसपी अजय प्रताप से मिले।
मुकदमों में जांच के संबंध में अधिकारियों ने दिशा निर्देश दिए। एसपी ने जांच में सहयोग के लिए सीओ कायमगंज के साथ पुलिस लाइन के इंस्पेक्टर अनिल कुुमार चौबे, दरोगा शादाब व बलराज भाटी को लगा दिया। इसके बाद सीओ अपने सहयोगियों के अलावा फोरेंसिक टीम के साथ जिला जेल पहुंचे। वहां उन्होंने जेल की भौगोलिक स्थिति समझने के लिए ड्रोन कैमरा उड़वाया। उससे वीडियो फुटेज के साथ फोटो भी लिए गए। इनके माध्यम से सीओ को यह समझाने में आसानी होगी कि उपद्रव के दौरान बंदी कहां से उपद्रव कर रहे होंगे और पुलिस ने किस स्थान से मोर्चा संभाल होगा। इसके बाद सीओ ने जेलर अखिलेश कुमार के बयान दर्ज किए। जिला जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी उन्होंने मांगे हैं।
जिला जेल में बवाल के छठवें दिन भी अपनों का हाल जानने के लिए जनपद में दूर दराज के इलाकों से लोग मुलाकात करने के लिए सुबह ही पहुंच गए। कोरोना की जांच रिपोर्ट व आधार कार्ड सहित फार्म भरने की औपचारिकता के बाद मुलाकात करने आए लोगों की लाइन लगवाई गई। सामान की सघन तलाशी लेने के बाद लोगों को मुलाकात के लिए जेल के अंदर प्रवेश दिया गया।
फतेहगढ़ स्थित जिला कारागार। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD