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पतौंजा विवाद में लापरवाही पर दरोगा लाइन लाजिर

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फर्रुखाबाद। पतौंजा में आठ परिवारों को पलायन करने की धमकी देने के मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी ने विवेचक दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ितों ने शनिवार को विहिप नेताओं के समक्ष सीओ मोहम्मदाबाद में आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था।
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गांव पतौंजा निवासी मान सिंह के पुत्र के साथ घर में घुसकर मारपीट के आरोप में जहानगंज थाना पुलिस ने सात अगस्त को मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को पकड़ा। विवेचक दरोगा राजेश चौबे ने तीनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। मुकदमा दर्ज कराने पर आठ परिवारों को गांव छोड़ने की धमकी दी गई। मकान बिकाऊ है के बैनर लगने पर भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और पूर्व प्रधान शमीम समेत दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
शनिवार को विहिप के प्रांतीय संगठन मंत्री मधुराम ने गांव के जाकर पीड़ितों से जानकारी की। पीड़ितों ने सीओ मोहम्मदाबाद सोहराब आलम पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। पीड़ितों का आरोप था कि एक समुदाय से होने के कारण सीओ ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। मधुराम ने सीओ पर कार्रवाई के लिए डीएम व एसपी से मिलने की बात कही थी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने शनिवार देर रात मुकदमे के विवेचक राजेश चौबे को लाइन हाजिर कर दिया। उधर, सीओ अमृतपुर अजेय कुमार शर्मा ने बताया कि जांच अभी चल रही है।
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आरोपी अफरीदी को भेजा जेल
मानसिंह के पुत्र के साथ मारपीट व लोगों को पलायन करने की धमकी देने के मुकदमों में वांछित अफरीदी को पुलिस ने शनिवार सुबह फतेहगढ़ से पकड़ लिया था। रविवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एसओ दिनेश गौतम ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पूर्व प्रधान नसीम पर कसेगा शिकंजा
फर्रुखाबाद। पतौंजा के आठ परिवारों को पलायन की धमकी देने के आरोपी पूर्व प्रधान नसीम पर प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। ग्राम समाज की भूमि पर पक्का निर्माण कराने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। ग्रामीणों ने उस पर विवादित भूमि को खरीदकर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है।
ग्राम सभा की जमीन कराए गए पूर्व प्रधान और शीतगृह मालिक नसीम के पक्के निर्माण को दो दिन पहले प्रशासन ने गिरवा दिया था। अब उसके खिलाफ धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मामले की जांच कर रहे एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने विवादित भूमि खरीदकर दबंगई के बल पर कब्जा करने की शिकायत भी की है। अगर ये आरोप सही पाए गए तो भूमाफिया की कार्रवाई की भी जाएगी। शमीम के शीतगृह की भूमि की जांच की गई, वहां कोई कमी नहीं मिली है।
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