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जेल में विवेचक ने सीओसिटी से पूछा एके-47 से कहां से चली थी गोली

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फर्रुखाबाद। विवेचक (सीओ कायमगंज) ने जिला जेल में सीओ सिटी से पूछा एके-47 से कहां से गोली चली थी। उपद्रवी बंदी किस ओर से पथराव कर रहे थे। सीओ सिटी के हमराह को बंदियों ने कहां पर जान से मारने की प्रयास किया था। इन सवालों के जवाब जाने। इसके अलावा बैरक नंबर दो व तीन का निरीक्षण किया। बंदी शिवम घायल होकर कहां गिर गया था। उस जगह का निरीक्षण कर गोली के एंगल का आंकलन किया।
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जिला जेल में सात नवंबर को साथी संदीप की मौत पर बंदियों ने जेलर व डिप्टी जेलर से मारपीट कर आगजनी, पथराव की घटना कर दी थी। बंदियों को काबू करने गई पुलिस ने फायरिंग की थी। गोली लगने से घायल बंदी शिवम काफी देर तक जेल में पड़ा रहा था।
इस मामले में जेलर अखिलेश कुमार व सीओ सिटी ने बंदियों के खिलाफ डकैती व जानलेवा हमले के दो मुकदमे दर्ज कराए थे। फतेहगढ कोतवाल ने जेल में बैरक नंबर छह के पास तमंचा, कारतूस व कारतूस के खोखे मिलने का मुकदमा दर्ज कराया था। तीनों मुकदमों की जांच एसपी अशोक कुमार मीणा ने सीओ कायमगंज प्रदीप सिंह को सौंप दी थी।
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जांच मिलने के तीसरे दिन भी सीओ कायमगंज सोहराब आलम, इंस्पेक्टर अनिल चौबे, दरोगा शादाब, बलराज भाटी व फोरेंसिक टीम जिला जेल पहुंची। जेल में बैरक नंबर दो व तीन का बारीकी से निरीक्षण किया गया। फोरेंसिक टीम ने वहां से कई नमूने एकत्र करने का प्रयास किया। कुछ चीजें वहां से मिली है। उनको अभी उजागर नहीं किया गया। बंदी शिवम जहां घायल अवस्था में पड़ा था। उस स्थान का विवेचक ने निरीक्षण कर नक्शा बनाया। सीओ सिटी प्रदीप सिंह को जिला जेल बुलाया गया।
विवेचक ने सीओ सिटी से पूछा कि बंदियों को कंट्रोल करने के लिए वहां कहां तक अंदर घुस आए थे। उनके हमराह को बंदियों ने कहां पर पकड़कर जान से मारने का प्रयास किया। छीना झपट्टी में उनके हमराह की एके 47 से कहां से गोलियां चली थी। सीओ सिटी ने सभी सवालों के जवाब देकर विवेचक को वह स्थान भी दिखाए। गोली जब चली थी उस दौरान जेलर कहां पर थे। सीओ सोहराब आलम ने बताया कि जांच करने जेल गए थे।
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