फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश नरेंद्र प्रकाश ने नवविवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने में दोषी पति व ससुर को छह साल की सजा सुनाई है। इन्हें सात-सात हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश भी दिया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव मिल्क सुल्तान (शुकरूल्लाहपुर) निवासी रमेश यादव ने पुत्री शारदा देवी की शादी 12 मई 2017 को कायमगंज के मोहल्ला कूंचा गंगा दरवाजा निवासी राम प्रकाश के बेटे सुमित से की थी। शादी के चार माह बाद छह अक्तूबर को शारदा देवी संदिग्ध हालात में फांसी पर लटकी मिली थी।
पिता रमेश यादव ने दामाद और अन्य ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि वाशिंग मशीन, टीवी व एक लाख रुपये की मांग पूरी न करने पर बेटी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया गया। पुलिस ने दहेज हत्या में ससुर रामप्रकाश व पति सुमित के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय से ससुर की जमानत मंजूर हो गई, पति अभी जेल में बंद है।
इधर, मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी ससुर राम प्रकाश कोर्ट में उपस्थित हुआ और सुमित की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना उर्फ मेजर ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने ससुर और पति को आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज उत्पीड़न का दोषी पाया। दोनों को सजा व जुर्माना सुनाया गया। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का भी आदेश दिया गया है।