घर में परिजनों के साथ बैठे इंद्रेश के पिता रामप्रकाश। संवाद
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फर्रुखाबाद। बिना हेलमेट के बाइक चलाने से इंद्रेश की दुर्घटना में हुई मौत से परिवार दुखी है। कमाऊ बेटे के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है। पिता ने कहा कि बेटा यदि हेलमेट लगाए होता हो उसकी जान बच सकती थी। परिजनों ने लोगों से हेलमेट पहनकर ही बाइक चलाने की अपील की है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव महोई निवासी इंद्रेश (35) मजदूरी कर परिवार चलाता था। दो फरवरी को वह बाइक से गांव के ही वीरपाल के साथ आलू का बोरा लादकर फर्रुखाबाद गया था। उसने हेलमेट नहीं पहना था।
फर्रुखाबाद से लौटते वक्त समज हवाई पट्टी के सामने अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट आने से इंद्रेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि साथी वीरपाल गंभीर रूप से घायल हो गया था। तीन भाइयों में सबसे बड़े इंद्रेश पर ही परिवार निर्भर था।
पत्नी रीना, पुत्री जूली, पुत्र हिमांशु, प्रांशु, मां प्रेमा देवी, पिता राम प्रकाश असहाय हो गए। इंद्रेश का दूसरे नंबर का भाई शिव कुमार दिव्यांग है। छोटा भाई रामकुमार भी मजदूरी करता है। अब उसके ऊपर पूरी गृहस्थी का बोझ आ गया है।
मंगलवार को परिजनों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि यदि इंद्रेश हेलमेट लगाए होता तो शायद उसकी जान बच जाती। वह हमारे बीच में होता और उन्हें तकलीफों का सामना नहीं करना पड़ता। पनी आंखों के आंसू पोछते हुए पिता रामप्रकाश ने कहा कि परिवार में खुशी बरकरार रखने और अपनी जान की सुरक्षा के लिए सभी को हेलमेट लगाकर ही बाइक चलाना चाहिए।