फर्रुखाबाद। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष बुधवार को फतेहगढ़ स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस पहुंचे। वहां उन्होंने जनपद में प्रवेश के दौरान किसी अधिकारी द्वारा रिसीव न करने पर नाराजगी जताई। इससे वह काफी खफा नजर आए। इसके बाद उन्होंने दो गोशालाओं का निरीक्षण किया। मीडिया कर्मियों को बाहर निकलवा दिया। कहा कि यहां उनका निजी कार्यक्रम है।
गोशालाओं में गोवंश की हकीकत जानने के लिए गोसेवा आयोग लखनऊ के अध्यक्ष प्रो.श्यामनंदन सिंह जिले में पहुंचे। कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंचा। इससे वह लोगों से रास्ता पूछकर फतेहगढ़ स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे।
उन्होंने वहां मौजूद सीवीओ डॉ. राजकिशोर सिंह, एसडीएम सदर अनिल कुमार, डीएफओ पीके उपाध्याय आदि अधिकारियों से कहा कि वह 40 जनपदों का निरीक्षण कर चुके हैं। नाराजगी जताते हुए कहा कि इस जिले जैसे हालात कहीं नहीं मिले।
कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंचा। पहली बार जिले में आने से उन्हें रास्ता भी नहीं मालूम था। पूछने पर उन्हें किसी ने 10 किमी तो किसी 30 किमी की दूरी बताई। सीवीओ से कहा कि कम से कम एक अधिकारी ही लगा देते। इस पर अधिकारी चुप्पी साध गए।
गोशाला की भूमि पर मिला कब्जा
अध्यक्ष ने शहर से सटे गांव माधौपुर स्थित गोरक्षिणी गोशाला का निरीक्षण किया। कुछ मीडिया कर्मी वहां पहुंच गए तो उन्होंने कहा कि यह उनका निजी कार्यक्रम है। वे बाहर जाएं। बात करनी है तो याकूतगंज पहुंचें वहां की गोशाला के निरीक्षण के बाद बात करेंगे।
इस पर मीडियाकर्मी बाहर निकल गए। उनके पीआरओ हिमांशू शुक्ला ने बताया कि गोशाला की भूमि पर अवैध कब्जा मिला है। इसे हटवाने के लिए अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं। इसके बाद अध्यक्ष ने याकूतगंज गोशाला का निरीक्षण कर पौधे लगाए।
खुद पालने पर ही अन्ना गोवंश से मिलेगी निजात
अन्ना गोवंश की समस्या पर अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए सरकार ने योजना चलाई है। इसके तहत एक गोवंश पालने पर 900 रुपये महीने दिए जा रहे हैं। गोवंश कहीं बाहर से नहीं आए। जब सभी लोग सहयोग कर गोवंश पालेंगे तभी समस्या से निजात मिलेगी।
सभी नोडल अधिकारी गोशालाओं की आय बढ़ाएं
कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण व संवर्धन विषय पर गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने गोशालाओं की व्यवस्था बेहतर बताते हुए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की तारीफ की। कहा कि सभी नोडल अधिकारी गोशालाओं की आय बढ़ाएं।
गोवंश के गोबर से दीये, गमला, मूर्ति व गोबर के लट्ठे बनाए जाएं। गोशालाओं में गोबर गैस प्लांट लगाने के निर्देश दिए। कहा कि गोशालाओं में त्योहार, बच्चों के जन्मदिन व बुजुर्गों की पुण्यतिथि जैसे कार्यक्रम कराए जाएं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 30 गोशालाएं हैं। प्रत्येक गोशाला में 10 से 15 ग्राम पंचायतें संबद्ध कर प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इससे अच्छा परिवर्तन देखने को मिला है। गोवंश के लिए रोटी कलेक्शन भी कराया जा रहा है। आयोग अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट परिसर में बेल का पौधा लगाया। एसपी अशोक कुमार मीणा, सीडीओ एम.अरून्मोली आदि अधिकारी मौजूद रहे।