तीसराम की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर भरे पानी से गुजरते ग्रामीण।
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गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच गया है। रामगंगा भी उफान भरने लगी हैं। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से दो गांवों के मार्गों पर पानी भर गया है। पांच गांवों के खेतों का कटान होने लगा है।
गंगा में दो दिन से पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। गंगा का पानी तीसराम की मडै़या की टूटी पुलिया के ऊपर से बहने लगा है। हरसिंहपुर कायस्थ गांव जाने वाले मार्ग पर पानी पहुंच गया है। इससे दोनों गांवों को आने जाने का रास्ता बंद हो गया है। ऊगरपुर समेत करीब दो दर्जन गांवों तक गंगा का पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ के बाद दोबारा जलस्तर बढ़ने से गांव के लोग भयभीत हैं। पांचाल घाट पर गंगापुत्रों की झोपड़ियां डूब गई हैं।
रामगंगा में सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 136.30 मीटर पर पहुंच गया है। इससे अलादपुर भटौली, विरसिंहपुर, वेहटा, रेगाईपुर, हड़ाई गांव के खेतों में कटान शुरू हो गया। इससे गांव के लोग परेशान हैं।