फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा की बाढ़ के पानी में 190 गांव घिर गए हैं। 50 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। बूढ़ी गंगा भी उफान मारने ली है। तीनों नदियों की बाढ़ से हजारों बीघा सरसों, आलू व धान की फसलें डूब गई हैं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर और रामगंगा का खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बूढ़ी गंगा ने भी उफानन भरना शुरू कर दिया।
नरौरा बांध से गंगा में सुबह एक लाख 24 हजार 913 क्यूसेक व शाम को एक लाख पांच हजार 85 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 से 15 सेमी ऊपर 137.25 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा में खो खरेली, रामनगर से सुबह 12631 क्यूसेक व शाम को 12096 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। कंपिल क्षेत्र में बूढ़ी गंगा का जलस्तर भी उफान मार रहा है।
करीब 190 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। करीब 50 गांवों का रास्ते में पानी भरने से मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। उनके आवागमन को नाव सहारा रह गई है। गांवों में पानी भरने से ग्रामीणों को छत पर रहकर गुजारा करना पड़ रहा है। पशुओं की चिंता भी ग्रामीणों को सता रही है। शहर के पास स्थित
कांशीराम कालोनी में भी बाढ़ का पानी भर गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता द्रुण कुमार ने बताया कि अक्तूबर में करीब 30 वर्षों से गंगा व रामगंगा का जलस्तर इतना नहीं पहुंचा। बाढ़ की 15 अक्तूबर तक आने की संभावना रहती है। वह समय भी निकल चुका था। इस वर्ष मई से ही गंगा व रामगंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था। इसके बाद कई बार जलस्तर तेजी से बढ़ा, लेकिन खतरे के निशान पर नहीं पहुंचा। अब तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर व रामगंगा का खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया है।
एक सैकड़ा गांवों की बंद कर दी गई बिजली
गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ से पानी से गांव घिरने के कारण गांवों की बिजली बंद करने का काम शुरू कर दिया गया है। रविवार को अमृतपुर क्षेत्र के 80, कमालगंज क्षेत्र के चार और शमसाबाद क्षेत्र 16 गांवों की बिजली बंद कर दी गई है। ताकि पानी में तार टूट कर गिरने से हादसा से बचा जा सके।
नौनिहालों पर पढ़ाई का संकट
बाढ़ से गांवों को जाने का रास्ता बंद हो गया है। कई गांवों में स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है। कटरी तौफीक गांव के स्कूल में काफी पानी भर गया है। इससे बच्चों के साथ शिक्षक भी स्कूल नहीं जा पा रहे है। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है।
सड़कों पर चार फीट पानी
शमसाबाद से शाहजहांपुर जाने वाले मार्ग और फर्रुखाबाद से बदायूं जाने वाले मार्ग पर चित्रकूट गांव के पास चार फीट बाढ़ का पानी तेज गति से बह रहा है। पांचालघाट पर इटावा बरेली हाईवे के दोनों और भी पानी खेतों में भर गया है।
आवागमन के लिए नाव ही सहारा
अमृतपुर। गांव कंचनपुर सबलपुर, जगतपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, कुंवरपुरा, भुड़रा, तीसराम की मड़ैया, करनपुर घाट, कुड़री आदि गांव में पानी भरने से ग्रामीण परेशान हैं। उन्हें घरेलू व खाद्य सामग्री लाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। पशुओं के चारे के लिए सबसे बड़ी समस्या है। घरो में पानी भरने से लोग छतों व सड़कों पर बसेरा बनाए हैं।
बदायूं मार्ग कई बाइक सवार गिरे
फर्रुखाबाद -बदायूं मार्ग पर चित्रकूट गांव की डिप पर करीब चार फिट पानी की धार बह रही है। सुबह फतेहगढ़ छावनी से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत करीब 50 से अधिक जवानों की रैली शाहजहांपुर की ओर बाइक, कार व ट्रक से जा रही थी। डिप भरे पानी से जवानों ने बाइकें निकालीं। इस दौरान दो बाइक तेज धार में गिर गयीं। बाइक व जवान सड़क किनारे तालाब में चले गए। जवान तैर कर बाहर निकल आए। ग्रामीणों व गोताखोरों ने दोनों बाइको को बाहर निकाला। डिप को पार करते समय कई बाइकें पानी में ही बंद हो गई और कई गिर भी गईं।
गांव अलादपुर में कटान
भटौली का मजरा अलादपुर करीब चार वर्ष पहले आधे से ज्यादा रामगंगा की कटान में बह गया था। अब करीब 15 परिवार ही बचे हैं। इस बार कटान होने फिर तेज हो गई है। ग्रामीण पक्के मकानो को तोड़ रहे हैं। कटान के चलते तीन बिजली के खंभे नदी समा चुके हैं। उधर, उप जिलाधिकारी प्रीती तिवारी ने गांवों का जायजा लिया।
बाढ़ से कटरी क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में
शमसाबाद। गंगा की बाढ़ से करीब 16 गांव पानी से घिर गए हैं। कुछ गांवों के अंदर भी पानी पहुंच गया है। गांव कटरी तौफीक में लोग छत में रह रहे हैं। आवागमन के लिए नाव ही सहारा है। घर में पानी भरा होने से छविराम की पत्नी ने चारपाई पर बैठकर खाना बनाया। झौआ सहित कई गांव का संपर्क मार्ग टूट गया है। रामवीर, नंदकिशोर, बृजपाल आदि ने बताया बिजली भी काट दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से केरोसिन मांगा है।
60 वर्ष बाद अक्तूबर में आई बाढ़ से दहशत में ग्रामीण
कमालगंज। बहोरनपुर टप्पा हवेली के नगला टिकार निवासी 73 साल के रघुनंदन ने बताया कि अक्तूबर में इतनी बाढ़ कभी नहीं देखी। 1960 में बरसात केे मौसम में कटरी मानपुर के गढ़िया, भुसौरा, सूपापुर, देवीदीन नगला, सरैया, मलियन नगला, कैलाश नगला सहित 11 नगला गंगा की बाढ़ व कटान में समा गए थे।
रोते हुए तोड़ा घर का लिंटर
क्षेत्र के गांव धारानगला, कुशवाहा नगला, जंजाली नगला के ग्रामीण बाढ़ का पानी व कटान की आशंका में मकान तोड़ने में जुटे हैं। धारा नगला के जगदीश ने खेत बेचकर अप्रैल में मकान का लेंटर डलवाया था। अब नम आंखों के साथ उसे तोड़ रहे। कोतवाल, रवींद्र, सुभाष, मुन्ना, भूरा, बृजकिशोर, महादेव, कटोरी, श्रीराम, रामप्रसाद, बाबूराम सहित 35 लोग मकान तोड़ रहे हैं। ट्रैक्टर ट्राली में गृहस्थी का सामान भरकर कुछ ग्रामीण दूरदराज स्थित रिश्तेदारी में ले गए।
10 हजार बीघा फसल जलमग्न
कमालगंज क्षेत्र मे बाढ़ से 16 गांव प्रभावित हैं। जंजाली नगला, धारा नगला, चाचूपुर, भोजपुर, ढपलपुर गांव में पानी बह रहा है। नगला खेमरेंगाई से कन्नौज सीमा तक 10 हजार बीघा से अधिक आलू व धान की फसल डूब गई हैं। गांधीनगर भटपुरा निवासी शत्रुघ्न शुक्ला ने बताया कि आजादनगर के सामने कुछ खेतों में 3 से 4 फिट पानी भरा है। ऐसे में खरीफ की फसल तो चली ही गई, रबी की फसल के लिए भी खेत तैयार हो पाना मुश्किल है।
चाचूपुर की सड़क कटकर बह गई
कमालगंज। दो साल पहले कानपुर मार्ग से आजादनगर, देवरान गढ़िया, खूंटादेव होते हुए चाचूपुर जाने वाली सड़क बनाई गई थी। अस्तल के आगे सड़क का काफी हिस्सा कटकर बाढ़ के पानी में बह गया। बहोरनपुर टप्पा हवेली की प्रधान रामा देवी के पति पप्पू यादव ने कहा कि तटबंध बनाए जाने का काम न होने से आबादी में अधिक नुकसान हुआ।
बूढ़ी गंगा की बाढ़ की चपेट में छह गांव
कंपिल। बूढ़ी गंगा की बाढ़ की चपेट ढह गांव आ गए हैं। गांव इकलहरा में 100 से अधिक झोपड़ीनुमा घरों के आसपास पानी भरा है। जितेंद्र, बेटालाल, धनपाल, सुरेश, अहलकर, अशरफ, खलील आदि ग्रामीणों ने बताया मवेशियों के चारे की समस्या हो गई है। शाहनवाज, जाकिर, इशाक ने बताया पानी घरों में घुस गया है। बदायू मार्ग पर इकलहरा के निकट दो फीट पानी बहने से आवागमन बाधित है। गांव बौरा में सड़क पानी बह रहा है। गांव ठकुरी नगला में श्याम सिंह, पप्पू, रामकेश के घरों के पास बह रहा है। शेखपुर के दर्जन भर से अधिक मकानों के पास पानी भर गया है। गढ़ी गांव के संपर्क मार्ग पर तीन फीट से अधिक पानी भरा है। पथरामई मार्ग पर पानी के सड़क पर बहने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है।
अमृतपुर के गांव इमादपुर सोमवंशी में मार्ग पर भरे पानी से निकलता ग्रामीण। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
शमसाबाद के गांव कटरी तौफीक में बाढ़ का पानी भरने से नाव से जाते ग्रामीण। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
शमसाबाद के गांव कटरी तौफीक में बाढ़ का पानी भरने से चारपाई पर चूल्हा रखकर खाना बनाती महिला। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD