पांचाल घाट स्थित तट पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा तटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे उद्घोष के साथ पुण्य की डुबकी लगानी शुरू कर दी। देर शाम तक स्नान का सिलसिला चलता रहा। तटों पर मुंडन संस्कार, कथाएं और यज्ञ भी हुए। लोगों ने जरूरतमंदों को दान भी दिया।
पांचाल घाट पर गुरुवार रात से ही सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, शाहजहांपुर, इटावा, औरैया आदि जिलों के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों से गंगा भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह गंगा में डुबकी लगाने के बाद धार्मिक आयोजन भी किए गए। तट पर सत्यनारायण कथाएं, यज्ञ, मुंडन संस्कार चलते रहे। कई लोगों ने भंडारों का आयोजन भी किया। गंगा तट पर बैठे जरूरतमंदों को दान देकर पुण्यफल अर्जित किया। तटों पर भीड़ के बावजूद पांचाल घाट पुल पर इस बार जाम नहीं लग सका।
दूरदराज से कारों, ट्रैक्टर-ट्रालियों से गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं के वाहनों को पांचाल घाट से तीन-तीन किमी दूर ही रोका गया। यहां से महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी पैदल ही गंगा तट तक पहुंचे।
गंगा में जल अधिक होने की वजह से भक्तों को डूबने से बचाने के भी प्रबंध रहे। पीएसी की फ्लड यूनिट के सदस्य मोटर वोट पर गंगा के तटों पर चक्कर लगाते रहे। गहरे में न घुसने का माइक से संदेश भी प्रसारित किया जाता रहा।
पांचाल घाट स्थित तट पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD