कायमगंज। तराई क्षेत्र में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से हालात और बिगड़ गए हैं। दर्जनों गांवों का संपर्क कायमगंज व शमसाबाद से पूरी तरह टूट गया है। बाढ़ के पानी से सड़कें कट गई हैं और जगह-जगह तेज धार बह रही है। ऐसे में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव, स्टीमर, ट्रैक्टर-ट्रॉली या पैदल ही आने-जाने को मजबूर हैं। कई लोग नदी की धार में बहने से बाल-बाल बचे।
बाढ़ का असर इतना है कि पानी की तेज धारा से बिजली के पोल झुक गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने के बाद भी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त होने में लंबा समय लग सकता है। तराई क्षेत्र के गांव गंडुआ, अकाखेड़ा, गंगैया, गंधिया, कुंवरपुर, छतरई, अलीगढ़, चैनीनगला, अहमदगंज, सूखानगला, दुंदीनगला, शंकरनगला, मीरगंज, बुहारनगला, खजुरिया, दोषपुर, कुआंखेड़ा, पट्टिया, अजमतपुर, होरीनगला, निजामुद्दीनपुर, खानआलमपुर समेत दर्जनों गांवों का कस्बे से संपर्क पूरी तरह कट चुका है।
यह सभी मार्ग हुए अवरुद्ध
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ से सिनौली बुढ़िया पुल मार्ग, अहमदगंज बुढ़िया पुल मार्ग, पहाड़ी बुढ़िया पुल मार्ग, अताईपुर बुढ़िया पुल मार्ग, हंसापुर-गौराई बुढ़िया पुल मार्ग व बिरियाडांडा-शमसाबाद बुढ़िया पुल मार्ग जलमग्न हो चुके हैं। इन मार्गों के डूबने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, फिलहाल नाव व स्टीमर ही उनका सहारा बने हुए हैं।