फर्रूखाबाद के सेठ गली निवासी विनोद वर्मा की सर्राफे की दुकान है। विनोद का पत्नी बबिता से विवाद चल रहा है। बबिता ने बरेली शहर कोतवाली में जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। गिरफ्तारी करने गुरुवार को पहुंची बरेली पुलिस के साथ परिजनों और आसपास के दुकानदारों ने हाथापाई कर दी।
दोनों पक्षों को शहर कोतवाली ले जाया गया, जहां देर शाम तक समझौते के प्रयास होते रहे। शहर के मोहल्ला सेठगली निवासी सर्राफ विनोद वर्मा का पत्नी बबिता से विवाद चल रहा है। बबिता ने विनोद और उनके परिजनों के खिलाफ बरेली के प्रेमनगर थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया है। विनोद गुरुवार को अपनी दुकान में बैठे थे।
दोपहर में प्रेमनगर के थाने के दरोगा माजिद अली पुलिस बल के साथ विनोद को गिरफ्तार पहुंचे। पुलिस के साथ विनोद का साला नितिन वर्मा भी था। पुलिस विनोद को पकड़कर कार में बैठाने लगी, तो परिजनों और आसपास दुकानदारों ने विरोध कर दिया। बाद में हाथापाई शुरू कर दी। इसी बीच शहर कोतवाली से दो सिपाही पहुंच गए।
पुलिस किसी तरह समझाकर विनोद और उनके परिजनों को कोतवाली ले गई। विनोद के साथ सर्राफा एसोसिएशन के नेता मनोज रस्तोगी आदि भी पहुंच गए। कोतवाली में शाम तक दोनों पक्षों समझौते पर बातचीत चलती रही। कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि बरेली के दरोगा ने हाथापाई की बात नहीं बताई है।
दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है। बरेली पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई करेगी। उधर, बबिता वर्मा ने फोन पर बताया कि पहले भी कोतवाली और फतेहगढ़ में समझौता हो चुका है। आरोप लगाया कि ससुरालीजनों ने अत्याचार बंद नहीं किया। 10 फरवरी 2021 को सिर में धारदार हथियार से वार भी किया गया था। लहूलुहान हालत में भाई बरेली मायके ले आया था।