कायमगंज सीएचसी में परिजनों को समझाते पुलिस कर्मी। संवाद
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कायमगंज। कंपिल क्षेत्र के अटैना घाट पर जल भरने आए तीन कांवड़िये गंगा में डूब गए। गोताखोरों ने एक को बचा लिया। सीएचसी में डॉक्टर ने दो को मृत घोषित कर दिया, फिर भी मौत का भरोसा न होने से अन्य जगह दिखाने की बात कह कर परिजन शव लेकर चले गए।
जनपद एटा के थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव सूरजपुरा निवासी विक्रांत यादव (18), आशीष उर्फ दिलीप (18), अर्जुन उर्फ छोटू (19) अन्य कांवड़ियों के साथ कांवर में जल भरने अटैना घाट आए थे। घाट पर जल भरते समय तीनों गहरे पानी मे चले गए। वहां मौजूद गोताखोरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद अर्जुन को बाहर निकाल लिया गया, मगर विक्रांत व आशीष गहरे पानी में चले गए।
सुबह 10 बजे से शाम करीब तीन बजे तक पुलिस व गोताखोरों की टीम जुटी रही। इसके बाद गोताखोरों ने दोनों की तलाश कर ली। दोनों को अचेत अवस्था में सीएचसी लाया गया। वहां डॉ. विपिन कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धीरे-धीरे उनके परिजनों की भीड़ जमा हो गई। परिजन फार्मासिस्ट से तर्क वितर्क करने लगे। उनका कहना था कि दिलीप व विक्रांत अभी जीवित हैं। यहां इलाज ठीक नहीं हुआ।
इसके बाद एसओ कंपिल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। परिजन दोनों के शव लेकर चले गए। विक्रांत कक्षा 12 और दिलीप कक्षा 11 में पढ़ता था। विक्रांत के दो भाई दो बहनें हैं। दिलीप एक भाई और एक बहन था। सीएचसी में परिजन बुरी तरह रोते बिलखते रहे।