कंपिल। वर्ष 2017 में गांव समाउद्दीनपुर में कोटेदार की मौत के बाद थाने पर हुए उपद्रव व आगजनी के मामले में कोर्ट ने 24 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के पांच साल बाद वारंट जारी होने से आरोपियों और उनके परिजनों में हड़कंप मचा है।
सरकारी राशन की कालाबाजारी की सूचना पर वर्ष 2017 में पुलिस ने गांव समाउद्दीनपुर में राशन विक्रेता राधेश्याम की दुकान पर छापा मारा था। पुलिस कार्रवाई के दौरान कोटेदार की मौके पर मौत हो गई थी। इस मामले में कोटेदार के परिजनों ने पुलिस टीम पर हत्या का आरोप लगाकर थाने पर शव रखकर हंगामा किया था।
मामले के तूल पकड़ने पर कोटेदार पक्ष के लोगों ने थाने पर जमकर पथराव किया था और बाइकों में आग लगा दी थी। हमले व पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में कोटेदार के पुत्र ने तत्कालीन एसओ ललितेश त्रिपाठी व उनके हमराह सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
दूसरी ओर पुलिस ने कोटेदार के पुत्रों, गांव पहाड़पुर के पूर्व प्रधान मनोज कुमार, भाकियू नेता राजाराम शर्मा सहित 25 से अधिक लोगों के खिलाफ भीड़ एकत्रित कर बलवा, पथराव, आगजनी कर सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद एसओ को निलंबित कर दिया गया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच ने की थी।
घटना के पांच वर्ष बाद कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के आदेश पुलिस को दिए हैं। इस पर एसओ दिग्विजय सिंह ने मंगलवार रात पुलिस टीम के साथ गांव समाउद्दीनपुर निवासी आनंद शर्मा, अमित, राममूर्ति, सत्येंद्र, जितेंद्र, हरिओम, गांव भागीपुर उमराह निवासी मैकूलाल, प्रेमचंद्र व गांव मढ़िया निवासी मनकू को गिरफ्तार कर लिया। दरोगा उदय सिंह ने बुधवार को पकड़े गए लोगों को कोर्ट में पेश किया।