फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

100 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के विकास कार्यों में घपला, होगी वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में मनरेगा से होने वाले विकास कार्यों में जमकर मनमानी की गई। ऑडिट में 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में हेराफेरी का मामला पकड़ा गया है। अब प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायकों (टीए) से धनराशि की वसूली की तैयारी है।
विज्ञापन

मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में चकरोड, खड़ंजा, नाली, इंटरलॉकिंग आदि विकास कार्य कराए जाते हैं। इनमें ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायकों की मिलीभगत से खूब खेल चलता है।
वर्ष 2020-21 के विकास कार्यों का ऑडिट हुआ तो 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की हेराफेरी सामने आई। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा के कार्यों में दुरुपयोग की गई धनराशि की प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव व तकनीकी सहायकों से वसूली की जाएगी। शीघ्र ही वसूली के आदेश जारी होंगे। इसके लिए सूची बनाई जा रही है।
विज्ञापन

ऑडिट के लिए नहीं दिए अभिलेख, घपले की आशंका
ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग की खर्च होने वाली धनराशि का आंतरिक लेखा परीक्षा टीम ने ऑडिट किया। इसमें लाखों के भुगतान संदेह के घेरे में आ गए। ऑडिट टीम ने ग्राम पंचायतों से विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे। अभिलेख उपलब्ध न कराने पर ऑडिट टीम ने धन का दुरुपयोग होने की आशंका जताते हुए आपत्ति लगा दी है।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि ब्लाक नवाबगंज, कमालगंज व बढ़पुर ब्लाक की 100 से अधिक ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए हैं। आडिट टीम की आपत्ति पर नोटिस जारी करने के लिए प्रधान व सचिवों की सूची तैयार की जा रही है। निर्धारित समय में साक्ष्यों सहित अभिलेख उपलब्ध न कराने पर धनराशि का गबन मानकर उनसे वसूली की जाएगी। सूची तैयार होने के बाद ही गबन हुई धनराशि की सही जानकारी सामने आ पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें